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क्रिकेट की बीमारी फुटबॉल में भी लगी , कोच के खिलाफ खिलाड़ियों ने की बगावत

क्रिकेट की बीमारी फुटबॉल में भी लगी , कोच के खिलाफ खिलाड़ियों ने की बगावत

किसी भी टीम के स्टार खिलाड़ियों और कोच के बीच विवाद होना कोई नई बात नहीं है. भारत में क्रिकेटरों को स्टार खिलाड़ियों का दर्जा प्राप्त है लिहाजा क्रिकेट की टीम में कोच और खिलाड़ियों के बीच मन-मुटाव की खबरें अक्सर आती हैं और हाल ही में अनिल कुंबले-विराट कोहली विवाद इसकी सबसे बड़ी नजीर है.

लेकिन अब भारतीय फुटबॉल की सीनियर टीम में भी कोच और खिलाड़ियों के बीच के संबंध इतने ज्यादा बिगड़ चुके हैं कि पांच सीनियर खिलाड़ियों ने फुटबॉल फेडरेशन से कोच स्टीवन कांस्टेंटाइन को हटाने की मांग कर डाली है. माना जा रहा है कि इन पांच खिलाड़ियों का नेतृत्व कप्तान सुनील छेत्री ही कर रहे हैं.

देश का फुटबॉल जगत इस वक्त फीफा अंडर 17 वर्ल्डकप की खुमारी में डूबा हुआ है लेकिन इसी बीच सीनियर टीम इंडिया के खिलाड़ियों में अपने कोच के खिलाफ बगावत की पटकथा तैयार कर ली है. द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक टीम इंडिया के पांच सबसे सीनियर खिलाड़ियों ने भारतीय फुटबॉल संघ के महासचिव कुशल दास और अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करके कोच को हटाने की मांग की है.

खिलाड़ियों की इस मांग ने फेडरेशन को दुविधा में डाल दिया है. दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटिश कोच कांस्टेंटाइन की कोचिंग के ही तहत भारत ने साल 2011 के बाद पहली बार एशिया कप के लिए क्वालिफाइ किया है. बतौर कोच उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है.

फरवरी 2016 में जब वह भारतीय टीम से जुड़े थे उस वक्त टीम की रैंकिग 173 थी. जिसके बाद 20 साल में पहली बार भारतीय टीम दुनिया की टॉप 100 टीमों में जगह बनाने में कामयाब हो सकी है.

माना जा रहा है कि कोच टीम की कामयाबी का श्रेय इसके खिलाड़ियों को देने की बजाय खुद को देते हुए लाइमलाइट में बने रहते है जिसकी वजह से उनके और खिलाड़ियों के बीच में मतभेद पैदा हो गए हैं.
कांस्टेंटाइन का करार अगले साल मार्च में खत्म हो रहा है. ऐसे में देखना होगा कि फुटबॉल फेडरेशन खिलाड़ियों की मांग पर क्या कदम उठाती है.

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क्रिकेट की बीमारी फुटबॉल में
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