क्रिकेटर मिताली राज का बड़ा बयान, ‘कुछ लोग मुझे बर्बाद करना चाहते हैं’

मिताली ने पोवार के खिलाफ लिखा,‘यदि मैं कहीं आसपास बैठी हूं तो वह निकल जाते थे

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप सेमीफाइनल से बाहर करने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मिताली ने आरोप लगाया कि उन्हें बाहर करने का समर्थन करने वाली एडुल्जी ने उनके खिलाफ अपने पद का फायदा उठाया.

वर्ल्ड टी20 के फाइनल में मिताली राज को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं देने के मामले ने गंभीर रूप अख्तियार कर लिया है. मिताली राज ने महिला टीम के कोच रमेश पोवार पर सनसनीखेज आरोप लगाया है. मिताली राज का दावा है कि कोच रमेश पोवार ने उनका अपमान किया.

मिताली राज ने बीसीसीआई को चिट्ठी लिखते हुए आरोप लगाया है, ‘मेरा हरमनप्रीत कौर के साथ कोई विवाद नहीं है, लेकिन वो कोच रमेश पोवार के फैसले के साथ थीं.

रमेश पोवार ने मुझे प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया और हरमनप्रीत ने उनके फैसले का समर्थन किया. मैं देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहती थी और इसका मुझे बेहद दुख है कि हमने एक सुनहरा मौका गंवा दिया.’

मिताली ने पोवार के खिलाफ लिखा,‘यदि मैं कहीं आसपास बैठी हूं तो वह निकल जाते थे या दूसरों को नेट पर बल्लेबाजी करते समय देखते थे लेकिन मैं बल्लेबाजी कर रही हूं तो नहीं रूकते थे. मैं उनसे बात करने जाती तो फोन देखने लगते या चले जाते.

यह काफी अपमानजनक था और सभी को दिख रहा था कि मुझे अपमानित किया जा रहा है. इसके बावजूद मैने अपना आपा नहीं खोया.’

उन्होंने बीसीसीआई सीईओ राहुल जोहरी और क्रिकेट संचालन महाप्रबंधक सबा करीम को लिखे पत्र में कहा,‘मेरे 20 बरस के लंबे करियर में पहली बार मैने अपमानित महसूस किया.

मुझे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि देश के लिए मेरी सेवाओं की अहमियत सत्ता में मौजूद कुछ लोगों के लिए है भी या नहीं या वे मेरा आत्मविश्वास खत्म करना चाहते हैं.’

मिताली राज ने सीओए सदस्य डियाना इडुलजी पर भी भेदभाव के आरोप लगाए. राज ने लिखा कि उन्हें पता है कि ये खत लिखकर वो जोखिम उठा रही हैं. ‘मैं जानती हूं कि ये खत लिख मैं जोखिम उठा रही हूं. वो(डियाना इडुलजी) सीओए की सदस्य हैं और मैं सिर्फ एक खिलाड़ी.

मैंने सेमीफाइनल से पहले लगातार दो अर्धशतक लगाए और मुझे प्लेयर ऑफ द मैच मिला, लेकिन मुझे फिर भी सेमीफाइल में टीम से बाहर रखा गया.’

टीम इंडिया सेमीफाइल मैच में इंग्लैंड से हारकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गई थी. इस टूर्नामेंट पर ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया था.<>

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