हरिद्वार के लिए लिफ्ट देकर हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार, ATM से भी निकाले थे पैसे

दिल्ली पुलिस ने सुनील भट्ट हत्याकांड को सुलझा लिया है. बीते 14 दिसम्बर को सुनील अपने गुरुग्राम के घर से हरिद्वार जाने के लिए निकले थे.

गुरुग्राम: दिल्ली पुलिस ने सुनील भट्ट हत्याकांड को सुलझा लिया है. बीते 14 दिसम्बर को सुनील अपने गुरुग्राम के घर से हरिद्वार जाने के लिए निकले थे. उन्होंने गुरुग्राम से ही एक कैब में लिफ्ट ली थी. लेकिन 15 दिसम्बर की सुबह उनका शव दिल्ली कैंट इलाके के जंगलों से बरामद हुआ था.

उनके शरीर और चोटों के कई निशान थे और उनकी गला घोंटकर किसी ने हत्या कर दी थी. अब पुलिस ने सभी 4 लोगों आरिफ, अजय, निर्मल और टीटू को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली कैंट पुलिस के मुताबिक, ये शातिर अपराधी थे और पहले भी ऐसी ही वारदातों को अंजाम दे चुके हैं.

आरोपियों के पास से पुलिस ने 2 कार भी बरामद की हैं. पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद इन लोगों ने महिपालपुर के एक एटीएम से सुनील के एटीएम चार से पैसे निकाले फिर अगले दिन रोहिणी के बिग बाजार से शॉपिंग की उसके बाद मंजनू के टीला इलाके से एक एटीएम पैसे निकाले.

इसके अलावा कई और जगहों से भी एटीएम कार्ड से कैश निकाला. यही नहीं अगके दिन इन्होंने फिर एक ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया. हालांकि, उसमें हत्या नहीं की थी. पुलिस ने सभी जगहों के सीसीटीवी फुटेज निकाले और आरोपियों का सुराग मिल गया. पुलिस इन्हें लिफाफा गैंग का बता रही है.

क्या है लिफाफा गैंग ?

पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना आरिफ है. जिसने अपराधियों का नेटवर्क बनाया हुआ है. ये दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के अलग अलग इलाकों में सक्रिय हैं, जो एक गाड़ी लाते हैं. उस एक गाड़ी में ड्राइवर सहित 4 लोग पहले से होते हैं.

एक ड्राइवर होता है बाकी सवारी की तरह बर्ताव करते हैं. ये एक किसी ऐसे शख्स की तलाश में होते हैं जो गाड़ी का इंतजार कर रहा होता है. गाड़ी में बैठने के बाद ये कहते हैं कि ये असल में सरकारी गाड़ी है. खाली जा रही थी इसीलिए आपको बैठा लिया.

ये कहते हैं कि आप सब लोग पुलिस जांच से बचने के लिए अपना कीमती सामान और पैसे एक खाली लिफाफे में रख दीजिए. वो खाली लिफाफा पहले से इनके पास होता है.

चूंकि बाकी की तीन सवारियां उसी गिरोह से होती हैं, तो वो अपना सामान तुरंत लिफाफे में रख देते हैं. इसके बाद ये अपने शिकार पर भी सारी नकदी आदि उसी तरह के लिफाफे में रखने का दबाव बनाते हैं.

अगर रख दिया तो लिफाफा अपने पास रखकर मारपीट के बाद कहीं छोड़ जाते हैं. इतना ही नहीं विरोध करने पर हत्या तक कर देते हैं. सुनील भट्ट हत्याकांड में गुड़गांव समेत कई शहरों में प्रदर्शन भी हुए थे.

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