दूसरी शादी करने जा रहे पिता के लिए बेटियों ने चुराया बच्चा

पुलिस इस मामले में युवतियों के अन्य परिजनों और अस्पताल की भूमिका की जांच कर रही है

दूसरी शादी करने जा रहे पिता के लिए बेटियों ने चुराया बच्चा

राजस्थान के भरतपुर में अस्पताल से नवजात बच्चे को चोरी करने वाली दोनों युवतियों को पुलिस ने यूपी के मथुरा से गिरफ्तार किया है. युवतियों ने अपने पिता को दूसरी शादी से रोकने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया. उसका पिता बेटे की चाहत में पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करने जा रहा था. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, युवतियों की मां इलाद के बाद भी गर्भवती नहीं हो पा रही थी. ऐसे में मां ने सुसाइड करने की भी कोशिश की थी. इसी बीच किसी रिश्तेदार ने उनके पिता को बच्चे की खातिर दूसरी शादी करने का सलाह दे दिया. दोनों विवाहित बेटियां शिवानी और प्रियंका अपनी मां का दुख नहीं देख पा रही थी. इसलिए बच्चा गोद लेने का प्रयास किया.

इसके लिए दोनों ने मथुरा में ही एक नर्स के बहकावे में आकर मां को गर्भवती बताकर दूसरे का बच्चा गोद लेने की योजना भी बनाई, लेकिन योजना फेल हो गई. क्योंकि जिस महिला से बच्चा लेना था, उसकी बीच में ही मौत हो गई. ऐसे में दोनों बहनें फंस गई. उन्होंने मेरठ में रहने वाले पिता और परिजनों को झूठ बोल दिया था कि उसकी मां गर्भवती है.

इसके बाद उनका नाना कुछ दिन तक राजस्थान के मेवात में बच्चा खरीदने के लिए घूमा, क्योंकि नर्स ने उनको बताया था कि भरतपुर के मेवात में गरीब लोग सक्षम नहीं होने के कारण बच्चे बेच सकते हैं. उसने कुछ ग्रामीणों से भी बच्चा खरीदने के लिए बात की थी, लेकिन सफल नहीं हुआ. इसके बाद दोनों ने मां के लिए बच्चा चोरी करने की योजना बनाई.

10 जनवरी को भरतपुर के एक अस्पताल से दोनों ने एक बच्चे की चोरी कर ली. उनकी तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई. स्कूटी की पहचान होने पर पुलिस के दबाव के चलते शिवानी ने चोरी किए गए बच्चे को रारह के पास गोवर्धन ड्रेन पुल से सांतरुक जाने वाले रास्ते पर शनिवार को छोड़ दिया. बच्चा के पास ग्रामीणों की भीड़ होने के बाद वापस चली गई.

इसके बाद में पुलिस ने शिवानी को मथुरा से और देर रात आगरा से उसकी छोटी बहन प्रियंका को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. पुलिस ने उनके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई. पुलिस इस मामले में युवतियों के अन्य परिजनों और अस्पताल की भूमिका की जांच कर रही है.

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