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पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद शवों को जलाना चाहता था अपराधी विकास दुबे

लेकिन नहीं मिल सका मौका

लखनऊ। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने वाला पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश विकास दुबे को यूपी एसटीएफ की टीम चार्टेड प्लेन से शहर ला रही है। वहीं, मध्य प्रदेश पुलिस के द्वारा पूछताछ पर उसने कई बातों का खुलासा ​भी किया है। उसने यह बताया है कि पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद उनके शवों को जलाना चाहता था, लेकिन उसे मौका नहीं मिल सका।

गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मन्दिर से पकड़े गए दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को कोर्ट में पेशी के बाद उसे यूपी एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया गया है। चार्टेड प्लेन से बदमाश को लेकर यूपी एसटीएफ की टीम वापस शहर ला रही है। । विकास दुबे को उज्जैन के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में रखकर पूछताछ भी की।

एक साथ शवों को जलाने की बनायी ​थी योजना

दुर्दांत अपराधी विकास ने प्राथमिक पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी बताया था कि पुलिस वालों की हत्या के बाद वह एक साथ उनके शवों को जलाना चाहता था। ​इससे कि उसके सारे सबूत मिट जाय। इसकी कारण पांच शवों को एक साथ रखा गया था। लेकिन उसे मौका नहीं मिला और वहां फरार हो गया था।

सीओ से ने कहा था पैर से कर दूंगा लंगड़ा

पूछताछ में उसने यह भी बताया कि सीओ देवेन्द मिश्रा से उसकी बनती नहीं थी। जब भी उसे उसकी मुलाकात हुई है वो हमेशा देख लेने की धमकी देता था। चौबेपुर थाने से निलंबित किए गए पूर्व थानाध्यक्ष ने भी बताया था कि सीओ तुम्हारे खिलाफ है। वह बोलता था कि विकास का एक पैर गड़बड़ है, दूसरा भी वैसा ही कर दूंगा। इस बात से वहा सीओ से गुस्सा था। उसने यह भी बताया कि वारदात के दौरान सीओ को उसने नहीं मारा था। सीओ को मामा के मकान के आंगन में उसके साथियों ने मारा था। सीओ का गला नहीं बल्कि पास से गोली सिर पर मारी थी। इससे पहले कुल्हाड़ी से पैर पर कई वार किया था।

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