करोड़ों का है घोटाला, इसलिए अब 4 अफसर जांच में लगाए गए

बिलासपुर।

बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक बृहस्पति बाजार का घोटाला काफी बड़ा है। इसीलिए जांच अधिकारी की संख्या एक से बढ़ाकर चार सदस्यीय की गई है। कांगे्रस नेता व बैंक के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने जांच टीम को डेढ़ सप्ताह बाद ले-देकर घोटाले की प्रारंभिक समरी बनाकर भेजी है। बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष व कांगे्रस नेता अशोक अग्रवाल के कार्यकाल में करोड़ों रुपए का गबन हो गया है।

इस मामले को पहले रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों की टीम ने 3.26 करोड़ रुपए से अधिक की गबन को पकड़ी। आरबीआई अफसरों की टीम ने इस पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी बैंक के अध्यक्ष ने काफी दिनों तक इस मामले को दबाए रखा गया।

एक से बढ़ कर चार सदस्यीय टीम हुई

बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक में घोटाले की जांच के लिए पहले संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं ने एक सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। संयुक्त पंजीयक कार्यालय के सहायक पंजीयक प्रदीप ठाकुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया । इसके बाद बैंक में घोटाला बड़ा होने पर जांच समिति में तीन अन्य वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षकों को शामिल किया गया है। जांच टीम के तीन अन्य सदस्यों में वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक पीके तिवारी, केएस ठाकुर एवं आरपी कोरी शामिल किए गए है।

कई पत्र के बाद दी समरी पत्र

बैंक में घोटाले के गठित जांच समिति के प्रमुख ने इस मामले में प्रारंभिक समरी की मांग की थी। इसमें बैंकिंग व्यवस्था, गोपनीयता के तरीके आदि सुरक्षात्मक उपाय करने के बाद भी करोड़ों रुपए के घोटाला कैसे हो गया।स पर बतौर अध्यक्ष उनसे समरी रिपोर्ट मांगी गई थी। जवाब नहीं देने पर जांच समिति के प्रमुख व सहायक पंजीयक प्रदीप ठाकुर ने स्मरण पत्र दिया था।

इसके बाद भी कई दिनों तक यह जानकारी लटका रखीं गई थी। अब जाकर घोटाला के बारे में जांच समिति के पत्र के आधार पर घोटाले की समरी रिपोर्ट दी गई है।

बढ़ी जांच समिति के सदस्यों की संख्या

बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के घोटाले की जांच समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई है। तीन वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षकों को जांच टीम में और शामिल किया गया है।
प्रदीप ठाकुर, सहायक पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, बिलासपुर

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