4 साल के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

अमरीका द्वारा ईरान पर नया प्रतिबंध इसका मुख्य कारण

नई दिल्लीः अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अमेरीका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध और अमरीकी इन्वेंट्री घटने से बाजार में सप्लाई में कमी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है।

कच्चे तेल का यह भाव पिछले 4 साल के उच्चतम स्तर पर चला गया है जो आखिरी बार नवम्बर, 2014 में पहुंचा था।

दरअसल कच्चे तेल की कीमतों में इतनी तेजी का सबसे प्रमुख कारण अमरीका द्वारा ईरान पर नया प्रतिबंध लगाने से आया है।

वहीं दूसरी ओर अमरीका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भी तेल की कीमतों में तेजी को सपोर्ट मिला है।

हाल ही में कच्चे तेल का भाव 80.50 डालर प्रति बैरल के पार चला गया।

कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से भी अधिक की तेजी देखने को मिली जिसके बाद कच्चे तेल का भाव 80.93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

वैस्ट टैक्साज इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई का भाव भी 72.08 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।

बता दें कि जानकारों का मानना है कि अमेरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध की तारीख भी नजदीक आ रही है। इस वजह से भी बाजार में नेगेटिव सेटीमेट देखने को मिल रहा है।

यह भी कयास लगाया जा रहा है कि दिसम्बर तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 88 डालर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 80 डालर प्रति बैरल तक जा सकता है।

ऐसे में भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यह भी संभव है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार अगर उचित कदम नहीं उठाती हैं तो पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के पार भी जा सकती है।

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