क्रेशर के धूल से लोग परेशान, शासन की निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन

ऋषिकेश मुखर्जी:

रायगढ़: रायगढ़ जिला विकासखंड बरमकेला अन्तर्गत आने वाले कटंगपाली, साल्हेओना मे स्थापित क्रशर मालिकों का दबंगई उस वक्त सामने आया जब मिडिया टीम खबर कवरेज के लिये क्रशर पहुंचे। मिडिया टीम को देखते ही क्रशर मालिक बौखला गए।

जैसे ही एक क्रशर का विजुअल बनाना चालू किया वैसे ही क्षेत्र में स्थापित क्रशर मालिकों का झुंड पहुंच गया और क्रशर के अन्दर आने का परमिशन दिखावो और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मिडिया टीम पर चडाई करना चालू कर दिया।

तत्पश्चात वहीं एस.एस नाग को दूरभाष के माध्यम से सूचना दिये जिसमें उनका साफ साफ कहना है कि हमारे विभाग से सम्बंधित किसी भी उद्योग मे जाने के लिए मिडिया को किसी से परमिशन लेने की आवश्यकता नहीं है। वहीं क्रशर मालिकों द्वारा मिडिया टीम के सभी सदस्यों का नाम पता पूछताछ करने लगे और गन्दी गन्दी गाली गलौज करते हुए वसूली करने का झूठा आरोप लगाते हुए जातिगत गाली गलोच करते हुए मारने पिटने की बात करके मिडिया टीम को जान बचाकर भागने को मजबूर किया।

वहीं हम आपको बता दे कि नौ-दस वर्षों से लगातार शासन की निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए रात दिन क्रशर संचालन किया जा रहा है। वहीं क्रशरों में वर्षों से चल रहे अवैध खनन कर क्रशर संचालन किया जा रहा है।

अवैध डोलोमाइट भारी मात्रा मे स्टाक

भण्डार क्षमता से अधिक क्रशरों मे अवैध डोलोमाइट भारी मात्रा मे स्टाक मे रखा गया है। वहीं लीज क्षेत्र की खनन की बात करें तो शासन की निती नियमों को ताक पर रख कर संचालन किया जा रहा है।

श्रमिकों का स्वास्थ्य व जान का किया जा रहा खिलवाड़

श्रमिकों व क्रशर स्टाफों की बात करें तो किसी का बीमा और सूरक्षा का कोई व्यवस्था यहां नहीं है न ही उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। इस प्रकार से श्रमिकों के स्वास्थ्य व जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

क्रशरों द्वारा राजस्व की चोरी

क्रशर स्थल डायवर्सन क्षेत्रों से बाहर है जिससे राजस्व चोरी और शासन की निर्धारित नियमों का खुला उल्लंघन उनके द्वारा किया जा रहा है।

पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन

अगर पर्यावरण प्रदूषण की अगर बात करें तो क्रशरों में कभी भी पानी का छिडकाव नहीं किया जा रहा न ही वृक्षारोपण जिससे हमेशा धुल के गुब्बारे उडते रहते है जिससे क्षेत्रवासियों को कई गंम्भीर बिमारियों का सामना करने को है मजबूर।

क्षेत्र के पेड-पौधे पहचान मे नहीं आ रहे

क्रशरों से निकलने वाले धुल आसपास के वृक्षों को अपनी चपेट मे ले लिया है। पहचान तक नहीं आ रहे कौन सा पौधा है तो वहीं किसानों का कहना है की पानी का छिडकाव न होने से क्रशरों से निकलने वाले धुलो की वजह से खेतों का उत्पादन क्षमता दिनों दिन घटता जा रहा है और पहले की अपेक्षा बहुत कम उत्पादन हो रही है।

साल्हेओना मे खबर कवरेज के दौरान हमारी टीम पहुंची हुई थी। जिसमें एक क्रशर का विजुअल बना रहे थे कि क्रशर मालिकों का दल पहुंचा और अन्दर आने का परमिशन दिखाओ और जितना रिकोर्डिंग किये हो सबको डिलीट करो कहते हुए चडाई कर जातिगत व गन्दा-गन्दा गाली गलौज किए। इस संबंधित अधिकारियों और विभाग को शिकायत किया जा रहा है और जल्द से जल्द उन पर कार्यवाही करने को कहा जा रहा है और कार्यवाही न होने पर उग्र आंदोलन की तौयारी की जा रही है: नरेश चौहान, कटंगपाली

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