ग्रामीणो के लिए कारगार रहा चुरेगांव जनसमस्या निवारण शिविर

ग्राम चुरेगांव के चार सौ एकड़ भूमि में तालाब, डबरी, बाड़ी एवं उन्नत खेती हेतु कृषि भूमि का होगा फैंसिंग कार्य 

राज शार्दुल :
कोण्डागांव :

केशकाल विकासखण्ड के सुदूर आदिवासी बहुल ग्राम चुरेगांव में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में जागरूकता का परिचय देते हुए ग्रामीणो का अपार जनसमूह उपस्थित था।

इस जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में जनपद पंचायत जनप्रतिनिधियों, जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम की उपस्थिति में विभागीय अधिकारी ग्रामीणो की समस्या, शिकायतों से अवगत हुए। 

जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों को ग्रामीणो को समस्या का निराकरण संवेदनशीलता के साथ करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे आवेदनो पर गंभीरतापूर्वक कार्यवाही करें ताकि शिविर का आयोजन सार्थक सिद्ध हो

क्योंकि हर शिविर का उद्देश्य अंतिम छोर के व्यक्ति समस्या का समाधान करना है उन्होने कहा कि राज्य शासन के सभी योजनाओ में व्यक्ति के जन्म से पहले से लेकर मृत्यु तक की कल्याण कारी योजनाओ का समावेश है पर व्यापक जानकारी ना होने से अपेक्षित परिणाम नही मिलतें है।

इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को सलाह देते हुए कहा कि वे अपने-अपने गांव में हो रहे सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वंय ही विशेष निगरानी रख सकते है क्योंकि यह उनके मूलभूत बुनियादी आवश्यकता का प्रश्न है और इसमें किसी भी प्रकार समझौता नहीं किया जा सकता।  

वनो का अस्तित्व हम सबके लिए बेहद जरुरी – कलेक्टर

ग्रामीणो को अपने समृद्ध प्राकृतिक परिवेश के प्रति जागरूक करतें हुए उन्होने कहा कि जल, जगंल, जमीन क्षेत्र की अमूल्य धरोहर है इसके संरक्षण और संवर्धन से ही भावी पीढ़ी के लिए इस विरासत को सुरक्षित जा सकता है।

वनो से हमारी तमाम आवश्यकताऐं पूरी होती है अतः वनों की अवैध कटाई को हर स्तर पर रोका जाये। वनो से प्राप्त वनोपज जैसे तेंदूपत्ता, महुआ, ईमली, हर्रा, चार, बेहड़ा, का संग्रहण सदियो से यहां के निवासियों के जीविकोपार्जन मे सहायक ंहै।

इन सभी वृक्षो का संरक्षण करने के साथ साथ कृषि भूमियों में परम्परागत फसल के अलावा अन्य फसल लेने की मानसिकता बनानी होगी। जिला कलेक्टर ने इस मौके पर वन विभाग द्वारा नीलगिरी

एवं बांस वृक्षारोपण हेतु ग्रामीणों को जागरुक करते हुए बताया कि विभाग की इन योजनाओं से कृषक अपनी कृषियेत्तर भूमि में इन वृक्षों का रोपण करके इसे अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने का जरिया बना सकते है इसके लिए विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का उल्लेख करतें हुए उन्होने कहा कि शासन द्वारा कृषि के अलावा स्वरोजगार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत् प्रशिक्षण शाला प्रत्येक विकासखण्ड में प्रारंभ की गई है जंहा शिल्पकारी, राजमिस्त्री, कम्यूटर प्रशिक्षण, हैण्डपम्प मेकेनिक, सिलाई प्रशिक्षण के अलावा नए रोजगारपरक प्रशिक्षण भी प्रारंभ किए जायेंगे।

जिले में कोण्डागांव, बोरगांव, बनचपई जैसे क्षेत्रों में गैर परम्परागत रोजगार प्रशिक्षण को प्रारंभ कर दिया गया है जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला है और स्व-सहायता समूह की महिलाओं औ युवाओं ने इसमें रुचि प्रदर्शित की है।

इसी प्रकार राष्ट्रीय आजीविका मिशन विह्ान कार्यक्रम के अतंर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भरसक प्रयास किये जा रहे है और इसका परिणाम स्वरूप गांव गांव में स्वसहायता समूह द्वारा सराहनीय प्रयास किये गये है।

इस क्षेत्र के समग्र विकास एंव मुख्य धारा में जोड़ने के लिए बैंकिग एंव संचार सुविधा से लेकर रोड, पुल-पुलियानये शाला भवनो का दू्रत गति से निमार्ण किया जा रहा है अतः ग्रामीणो से आग्रह है कि वे इस मिशन में सहयोग देंवें।

इसके साथ ही कलेक्टर ने अवगत कराया कि ग्राम चुरेगांव की चार सौ एकड़ भूमि की फैंसिंग हेतु सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जहां तालाब, डबरी, बाड़ी, कृषि एवं सिंचाई के साधनो को विकसित किया जायेगा। 

जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम चुरेगांव सहित सवालवाही,डुण्डाबेड़मा,ईरागांव, बुईकीजुगानार सहित ग्रामीण सरपंच भी उपस्थित थे और लगभग सभी ने जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर इस गांव शिविर आयोजन करने के लिए जिला प्रशासन को साधुवाद दिया।

इसके साथ ही उन्होंने शिविर मंच को साझा करतें हुए अपनी समस्यायें रखी। इसके पूर्व जिला कलेक्टर का ग्रामीण नर्तक दल द्वारा परम्परागत तरीके से स्वागत किया गया। जिन्हें शिविर पश्चात पारतोषिक भी दिया गया। शिविर स्थल में कुल 32 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 13 का मौके पर निराकरण किया गया। 

उक्त शिविर मे जिला पंचायत अध्यक्ष देवचन्द मातलाम, पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, वन समिति जिला अध्यक्ष केशकाल झाड़ीराम सलाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धनंजय नेताम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी एस सोरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस के कनवर, मुख्य कार्यपालन अभियंता के एस गर्ग, खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया सहित अन्य विभाग के अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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