इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर लगा रहा ग्राहकों का हुजूम, नहीं हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

भरत मंगवानी ब्यूरो हेड बिलासपुर

बिलासपुर: लॉक-डाउन पार्ट 2 लगने के बाद जहां राहत दिखाई पड़ रही है तो वही अब प्रशासन को और भी कठोर होना पड़ेगा, वरना ढिलाई बरतने का अंजाम बुरा हो सकता है,

क्योकि जिस तरह से दुकानदारों को छूट दी गई है वह नियम कायदों का खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है जिनकी सुध लेने वाला कोई नही दिखाई पड़ रहा है,देखा जा रहा है कि जैसे जैसे दुकाने खुलने लगी है,वैसे वैसे लोग निश्चिन्त से होते जा रहे है,इस ओर प्रशासन को गम्भीर होना पड़ेगा,

मालूम हो कि बीती शाम जिले के कलेक्टर ने रोज़मर्रा के सामान वाली दुकानो के समय पर फेरबदल कर नया आदेश जारी किया गया है,जिसमे रोजमर्रा की दुकानें जैसे किराना,डैलीनीड्स,सब्जी इत्यादि को 7 से 1 बजे तक तो वही दूध डेयरी को 7 से 10 तो वही शाम को 5 से 7 बजे तक का परमिट दिया गया है,

इसके साथ ही कुछ व्यपारियो को राहत भी दी है जैसे आटो पार्ट्स, टायर व पंचर दुकान, हार्डवेयर, स्टेशनरी, सेनेटरी(प्लम्बर)आइटम, बिजली पंखे की दुकानें निर्माण सामग्रियों की दुकान तथा सीमेंट, सरिया आदि को भी हफ्ते में दो दिन खोलने का आदेश दिया गया,

पर देखा जा रहा है कि इन दुकानों के खुलने से दुकानो पर भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बिल्कुल भी नही हो रहा ऐसा नही है कि पालन न किया जा सके पर इन दुकानदारो की ऊंची पहुँच के साथ कुछ याराना भी कायम है जिसकी वजह से यह दुकानदार लापरवाह बनकर दुकानदारी पूरे जोर शोर से कर रहे है।

बिजली दुकान पर आफा-धापी के कारण बिलासपुर पर संकट लगभग तय

बिजली दुकान पर आफा-धापी के कारण बिलासपुर पर संकट लगभग तय ही माना जा सकता है, ऐसा ही एक वीडियो आज हमे प्राप्त हुआ जिसमें तेलीपारा स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर ग्राहकों का हुजूम लगा रहा पर किसी ने उस ओर सुध नही ली न ही दुकानदार ने ग्राहकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हेतु निवेदन किया गया,

उन्हें तो अपने व्यापार से मतलब,तो वही सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कुछ दुकानो पर समय समाप्त होने के बाद भी सामान बिना रोक टोक के प्रशासन से निडर होकर शिफ्टिंग कार्य होता रहा दुकानों से सामान गोदाम मतलब मोहल्ले पर रखा जा रहा है जिससे उनकी दुकानदारी मोहल्ले से दिन भर चलती रहे यह नामुमनकीं है कि यह जानकारी ऊपर तक न हो पर जैसा कि उन दुकानदारों की साख दिखती है मतलब सब “गोलमाल” है,

ऐसा माहौल देखकर लगता है की प्रत्येक दुकानदार का एक सदस्य सिर्फ दोस्ती के साथ कुछ बड़े सम्बन्ध बनाने हेतु रखना चाहिए जो आज महसूस हो रहा है,अगर अभी के माहौल पर सम्बन्धो को निभाने के बजाय इन पर कार्यवाही नही की गई तो आने वाली विपदा बहुत ही भयंकर होगी,इस ओर पुलिस व प्रशासन को ध्यान देना चाहिए,

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