सीवीसी ने आलोक वर्मा के खिलाफ 6 आरोपों को लेकर शुरू कर दी जांच

नीरव, माल्या, सी शिवशंकरन के ईमेल को लीक करने का भी आरोप

नई दिल्ली: केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ 6 आरोपों को लेकर जांच शुरू कर दी है।

जिसमें बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले आरोपी नीरव मोदी, विजय माल्या और एयरसेल के पूर्व प्रमोटर सी शिवशंकरन के खिलाफ जारी हुए लुक आउट सर्कुलर के आंतरिक ईमेल को लीक करने का आरोप भी शामिल है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सीवीसी ने सरकार को नए आरोपों को लेकर सूचित किया है। वर्मा के खिलाफ यह शिकायतें भ्रष्टाचार निरोधी इकाई की जांच रिपोर्ट से मिली है।

यह शिकायतें पिछले साल 12 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में जमा कराई गई रिपोर्ट के बाद मिली है। रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि वर्मा पर लगे 10 आरोपों के बाद उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिसे उनके पूर्व नंबर दो रहे विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने लगाया था।

वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने नीरव मोदी के मामले में सीबीआई के कुछ आंतरिक ईमेलों के लीक होने पर आरोपी को ढूंढने की बजाय मामले को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने ऐसा तब किया जब सबसे बड़े बैंक घोटाले की जांच चरम पर थी।

एजेंसी ने जून 2018 में संयुक्त निदेशक राजीव सिंह के कमरे को लॉक कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) को बुलाया था ताकि उनके पास मौजूद डाटा को प्राप्त किया जा सके। हालांकि इस कार्य के पीछे की वजह कभी नहीं बताई गई।

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