चक्रवाती तूफान ‘यास’ मचा सकता है तबाही! PM मोदी ने ली हाई लेवल मीटिंग

लोगों को सुरक्षित जगह भेजने कहा

नई दिल्‍ली। ताउते तूफान (Tauktae Cyclone) के बाद अब पूर्वी तटीय क्षेत्रों पर ‘यास’ तूफान का खतरा मंडरा रहा है, मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान यास (Yaas Cyclone) में बदलने की संभावना जाहिर की है। इसके 26 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट पर पहुंचने का अनुमान जताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अफसरों और मंत्रियों की वर्चुअल बैठक ली, इसमें मोदी ने निर्देश दिए कि संभावित खतरे वाले स्‍थानों से लोगों को समय पर सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जाए, बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। वहीं एनडीआरएफ ने चक्रवात यास से निपटने के लिए 46 टीमों को पहले से ही काम में लगाया गया है, 13 टीम आज हवाई मार्ग से जा रही हैं, इसके साथ ही भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज, बचाव अभियानों के लिए जहाजों, हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है।

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चक्रवात यास पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों और दूरसंचार, बिजली, नागरिक उड्डयन, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठक की। बैठक में गृह मंत्री भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने बैठक के दौरान अफसरों को निर्देश दिए कि बिजली और टेलीफोन नेटवर्क की कटौती के समय को कम किया जाए, पीएम मोदी ने इस दौरान अफसरों से तूफान के समय लोगों को क्‍या करना है और क्‍या नहीं करना है, इसके दिशानिर्देश तैयार करने को भी कहा है, उन्‍होंने कहा कि ये दिशानिर्देश स्‍थानीय भाषा में भी लोगों के लिए जारी किए जाएं। कैबिनेट सचिव ने 22 मई को नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग की थी, इसमें सभी तटीय राज्‍यों के प्रमुख सचिव और संबंधित मंत्रालय व एजेंसी शामिल थीं।

उन्‍हें यह भी जानकारी दी गई कि गृह मंत्रालय भी 24 घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है, मंत्रालय लगातार संबंधित राज्‍य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क में हैं, गृह मंत्रालय ने सभी राज्‍यों में एसडीआरएफ को भी एडवांस में इंस्‍टॉलमेंट जारी कर दी गई है, इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय समुद्र में मौजूद सभी तेल संबंधी जगहों की देखरेख और उनकी सुरक्षा के लिए तैयारी कर रहा है।

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