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ओडिशा में चक्रवाती फानी तूफान, हवा की रफ्तार में आई काफी तेजी

आपदा प्रबंधन की टीम तूफान से निपटने के लिए तैयार

नई दिल्ली:ओडिशा में चक्रवाती फानी तूफान ने कदम रख लिया है। फनी के आने से ओडिशा के पुरी में 245 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पुरी के तटों पर भूस्खलन शुरू हो रहा है। साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

आपदा प्रबंधन की टीम तूफान से निपटने के लिए तैयार है। फानी की वजह से रेल, सड़क और हवाई यातायात पर प्रभाव पड़ा है। पिछले 43 सालों में अप्रैल माह में भारत के पड़ोसी समुद्री क्षेत्र में उठा इतनी तीव्रता का यह पहला तूफान है।

फानी से निपटने के लिए 13 नेवी एयरक्राफ्ट विशाखापत्तनम में तैयार

चक्रवाती तूफान फानी से निपटने के लिए 13 नेवी एयरक्राफ्ट विशाखापत्तनम में तैयार खड़े हैं, जिससे समय रहते क्षति का आकलन और राहत कार्य पूरा हो सके। हैदराबाद के मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा के पुरी में 245 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही तेज बारिश भी हो रही है। भूस्खलन के बाद इस तूफान का प्रभाव कम होने की संभावना है और इसके बाद इसके पश्चिम तट की ओर बढ़ने की संभावनाएं हैं।

पारादीप मौसम विभाग के अधिकारी आर शुक्‍ला ने बताया कि लगभग सुबह 8 बजे शुरू हुए भूस्खलन की प्रक्रिया 2 घंटे में खत्म होने की उम्मीद है। इसके बाद इसके उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है, जो ओडिशा के सभी जिलों को कवर करता हुआ पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। सुबह 9 बजे हवा की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दर्ज की गई है।

फानी तूफान ओडिशा के तट से टकरा गया

फानी तूफान ओडिशा के तट से टकरा गया है। आंध्र प्रदेश: एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा राहत अभियान श्रीकाकुलम के कोट्टूरु मंडल में चल रहा है। यहां पर आज बारिश हुई और तेज हवाएँ चल रही हैं। फानी तूफान के जमीन से टकराने के साथ ही तेज हवा और बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।प्रशासन ने फानी तूफान की वजह से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई है।

<p>ओडिशा में जमीन से टकराया फानी तूफान। भुवनेश्वर मौसम विभाग के निदेशक एचआर विस्वास ने बताया कि सुबह 8 बजे फानी जमीन से टकराया। उन्होंने बताया कि इसे पूरी तरह से जमीन पर आने में करीब दो घंटे का वक्त लगेगा। यह पुरी के पास जमीन से टकराया है।

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