मासूम पोते को बचाने आग में कूद गए दादा-दादी, तीनों जिंदा जले

मल्हारगंज थाना क्षेत्र के छीपा बाखल की घटना

इंदौर: मल्हारगंज थाना क्षेत्र के छीपा बाखल में सोमवार तडक़े दो मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। तीन माह पूर्व परिवार ने घर पर कपड़े की दुकान खोली थी।

बताया जा रहा है, शॉर्ट सर्किट से सबसे पहले उसमें आग लगी, जिसकी चपेट में करीब 100 वर्ष पुराने लकड़ी के ढांचे पर खड़ी इमारत में आग लग गई। घटना के वक्त परिवार के ७ सदस्य जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन पहली मंजिल पर फंसे पोते को बचाने में दादा-दादी भी उसके साथ जिंदा जल गए।

परिवार के इरफान ने बताया, सुबह करीब साढ़े तीन से 4 बजे के बीच घर में धुआं भरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार के 10 सदस्यों में सबसे पहले बड़े भाई इमरान की नींद खुली। वे घबराकर भाई मो. सदर के पास पहुंचे, जिन्होंने मुझे जगाया।

मैंने पहली मंजिल पर सो रहे पिता मो. सलीम 61 पिता हाजी गुल, मां नजमा बानो 55 व भतीजा कासिम को उठाया। बड़े भाई इमरान ने बताया कि घर में धुआं भर जाने पर उनकी पत्नी सानिया बी घबराकर जागीं।

वे दोनों बच्चे आफान 6 और रियान 3 को दोनों हाथों में उठाकर सुरक्षित बचाते हुए घर के बाहर ले गईं। मैं घर में भरे धुएं को निकालने के लिए पिछले दरवाजे पर पहुंचा और उसे तोड़ दिया।

जब आग लगी, तब परिवार के तीनों बेटे आग बुझाने में लगे रहे। वे यही मानते रहे कि सभी सदस्य सुरक्षित बाहर आ चुके हैं। रेस्क्यू में जुटी पुलिस टीम को कुछ लोगों ने बताया कि पहली मंजिल पर परिवार के दादा-दादी अपने पोते को लेने पहुंचे हैं,

लेकिन दुकान से आग सीढि़यों और पहली मंजिल तक पहुंचने से वहीं फंसे रह गए। लोगों का कहना था कि पोता कासिम घबराकर नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और डर की वजह से ऊपर ही बैठ कर चिल्लाता रहा, जिसकी आवाज सुन दादा-दादी उसे बचाने पहुंचे थे।

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