दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित फिल्म मेकर मृणाल सेन का निधन

लंबे समय से चल रहे थे बीमार

कोलकाता: देश के सबसे विपुल फिल्म निर्माताओं में से एक और भारत में नए सिनेमा के अग्रणी रहे मशहूर फिल्मकार मृणाल सेन का 95 साल की उम्र में निधन हो गया।

उन्होंने रविवार सुबह कोलकाता के भवानीपोर स्थित अपने घर में आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उम्र संबंधी कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे।

उनकी देखभाल करने वाले केयर टेकर ने सेन की मृत्यु के बारे में जानकारी दी। केयरटेकर ने बताया कि उनकी हालत जब ज्यादा खराब गई तब एक डॉक्टर को बुलाया गया। मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर दिया, उन्हें हार्ट अटैक आया था।

सेन की इच्छा के अनुसार उनके शव को कहीं भी नहीं रखा जाएगा। खबर के मुताबिक सेन का शव मरचुरी और विदेश से उनके बेटे के आने का इंतजार किया जाएगा। कुणाल के लौटने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। ये जानकारी सेन के केयर टेकर ने ही मीडिया को दी है।

जानना चाहिए कि करीब एक साल पहले ही सेन की पत्नी की मौत हो गई। सेन दादा साहब फाल्के और पद्म भूषण जैसे सम्मान से नवाजे जा चुके हैं। सेन को एक ऐसी शख्सियत के रूप में जाना जाता है जो फिल्मों के साथ एक्सपेरिमेंट करते रहते थे। उनकी फिल्मों में समाज के यथार्थ की छवि साफ नजर आती थी।

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