लोकतंत्र में आस्था का तिलक लगाकर नक्सल क्षेत्रों में मतदान कराने रवाना हुए दल

रायपुर। पिछले दिनों एक फिल्म आई थी ‘न्यूटन’ इस फिल्म ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी और भारत की ओर से ऑस्कर अवार्ड के लिए भेजी गई थी। फिल्म की कथा वस्तु लोकतंत्र के महापर्व यानी मतदान पर आधारित थी और इसकी पृष्ठभूमि बस्तर के एक अति संवेदनशील मतदान केंद्र में आम चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की कहानी है।

इस कहानी का मुख्य पात्र एक अधिकारी है जिसे अबूझमाढ़ के किसी गांव में बुथ ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को एक बार फिर बस्तर क्षेत्र में इस फिल्म का रीयल फर्स्ट सीन देखने को मिला। जिन्हें ड्यूटी पर जाना था, उनके माथे पर तिलक लगाया गया और हेलीकाप्टर में सवार होकर वे किसी योद्धा की तरह मतदान कराने के लिए रवाना हुए। अब ये तीन दिनों तक सुरक्षा बलों के कैंप में ही रहेंगे।

बस्तर में 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और तीन दिनों पहले इस क्षेत्र के अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान कराने कर्मचारियों के दलों की रवानगी कर दी गई है। इस वक्त माहौल काफी अलग था। एक बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए यह मतदान कर्मचारी दल रवाना हो रहा था। पूजा-अर्चना के साथ इन्हे रवाना किया गया।

बस्तर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 1 हजार 8 सौ 78 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से करीब आधे केंद्र अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं। यहां ऐसे इलाके हैं जहां नक्सली आतंक के बीच लोकतंत्र की आस्था का दीपक अपनी रौशनी कायम रखे हुए है। इन क्षेत्रों में भी लोगों में मतदान के लिए उत्साह है।

नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में मतदान कराने के लिए करीब 200 अधिकारी-कर्मचारियों का दल वायुसेना के एमआई 17 हेलीकॉप्टर के जरिए अपने-अपने ड्यूटी वाले इलाके में पहुंचा। अब तीन दिनों तक दल के सदस्य सुरक्षा बलों के स्थानीय कैंप में रहेंगे और मतदान के दिन अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस लौटेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के लिए बस्तर लोकसभा क्षेत्र के, दंतेवाड़ा,बीजापुर, कोंटा और नारायणपुर विधानसभा में मतदान के लिए सवेरे 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। शेष चार विधानसभा क्षेत्रों कोण्डागांव, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में सवेरे 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

पूजा अर्चना की गई

मतदान दलों के रवाना होने से पहले बाकायदा हेलिपैड में पूजा-अर्चना की गई । सभी मतदान दलों को तिलक लगाया गया । सुकमा जिला घोर नक्सल पर प्रभावित क्षेत्र माना जाता हैं और यहां पिछले महीने भर से नक्सली लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने की बात कहकर जगह-जगह बैनर-पोस्टर लगाते आ रहे हैं । लगातार ऐसी खबर भी आ रही हैं कि जिले में नक्सलियों के नए चेहरे देखे जा रहे हैं आसंका हैं ऐसे में नक्सली चुनाव में व्यवधान उत्पन्न कर सकते हैं । इसलिए सुरक्षाबलों द्वारा पूरी सतर्कता बरती जा रही हैं ।

सुबह 4 बजे शुरू हुई थी तैयारी

कोंटा ब्लॉक के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तीन दिन पहले आज सोमवार को मतदान दल हेलीकाप्टर से रवाना किया गया । सुबह 4 बजे से ही पॉलिटेक्निक कॉलेज में कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चंदन कुमार की मौजूदगी में मतदान दलों को ईवीएम व अन्य सामाग्री वितरित की गई। उसके बाद बस से सभी मतदान दलों को बस से हेलिपैड लाया गया। 22 मतदान दल में करीब 100 मतदान कर्मी मौजूद हैं जो अंदरूनी इलाके में 11 अप्रैल को मतदान सम्पन्न कराएंगे।

प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सुकमा के कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि जिला निर्वाचन ने सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण कर ली हैं। आज अंदरूनी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर की मदद से 22 मतदान दलों को रवाना किया जा रहा हैं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, पूरा विश्वास है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन होगा। एएसपी नक्सल ऑपरेशन सुकमा शलभ सिन्हा ने बताया कि नक्सली विरोध को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लगातार ऑपरेशन करके इलाके की सर्चिंग की जा रही है।

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