आंखों के लिए खतरनाक होती है मन के भीतर चलने वाला तनाव

आंखों पर भारी पड़ सकता है मन के भीतर चलने वाला तनाव

आंखों पर भारी पड़ सकता है मन के भीतर चलने वाला तनाव… हम आज एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहां हमने खुद के लिए खुद ही कई तरह के कुएं खोद लिए हैं. इन्हीं में से एक है तनाव, स्ट्रेस या डिप्रेशन… जी हां, हममें से ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि तनाव हमारी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है. यह लगभग हमारे शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचा सकता है.

गलत खाना या कम व्यायाम हो सकता है कि आपको किसी एक तरह से नुकसान पहुंचाए, लेकिन तनाव कब आपके शरीर के किस अंग पर हमला करेगा यह ठीक से कहा नहीं जा सकता…

तनाव से स्वास्थ्य पर होने वाले कुछ प्रभावों में चिंता, अवसाद, पाचन समस्याएं, हृदय रोग, अनिद्रा, वजन बढ़ाना और ध्यान केंद्रित करने की समस्याएं शामिल हैं.

हाल ही में जर्मनी में मैग्डेबर्ग की ओटो वॉन गुरिके यूनिवर्सिटी में हुए एक ताजा अध्ययन में यह पता चला है कि निरंतर तनाव और कोर्टिसोल के बढ़े हुए स्तर से ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम में असंतुलन और वास्कुलर डिरेगुलेशन के कारण आंखों और दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. शोध दल ने यह भी पाया कि इंट्राओकुलर प्रेशर में वृद्धि, एंडोथेलियल डिसफंक्शन (फ्लैमर सिंड्रोम) और सूजन तनाव के कुछ ऐसे नतीजे हैं जिससे और नुकसान होता है.

पुराना तनाव है खतरनाक

पुराने तनाव से एक लंबे समय तक भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ता है, जिसमें व्यक्ति को लगता है कि उसके पास बहुत कम या कोई नियंत्रण नहीं है. प्रत्येक व्यक्ति तनाव होने पर अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है. शरीर की तनाव-प्रतिक्रिया प्रणाली आमतौर पर आत्म-सीमित होती है. खतरे या तनाव के तहत, माना जाता है कि शरीर के हार्मोन का स्तर बढ़ता है और अनुमानित खतरा बीत जाने के बाद सामान्य हो जाता है, जैसे एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल के स्तर गिरते हैं,

दिल पर भी होगा असर…

तनाव से दिल की धड़कन की दर और रक्तचाप बेसलाइन स्तर पर वापस आते हैं, और अन्य सिस्टम अपनी नियमित गतिविधियों को फिर से शुरू करते हैं. हालांकि, निरंतर तनाव की स्थिति में, व्यक्ति लगातार हमले से महसूस कर सकता है और शरीर की लड़ाई प्रतिक्रिया चालू रहती है. तनाव-प्रतिक्रिया प्रणाली की दीर्घकालिक सक्रियता और बाद में कोर्टिसोल व अन्य तनाव हार्मोन के लिए ओवर एक्सपोजर, शरीर में लगभग सभी प्रक्रियाओं को बाधित कर सकता है. इस प्रकार व्यक्ति विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में घिर जाता है.
दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो सकता है स्मोकिंग और डायबिटीज…

क्या हैं बुरे प्रभाव-

तनाव से स्वास्थ्य पर होने वाले कुछ प्रभावों में चिंता, अवसाद, पाचन समस्याएं, हृदय रोग, अनिद्रा, वजन बढ़ाना और ध्यान केंद्रित करने की समस्याएं शामिल हैं.<>

Back to top button