विकास की नई मंजिलों की ओर तेजी से अग्रसर दंतेवाड़ा : डॉ. रमन सिंह

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश का नक्सल हिंसा पीडि़त दंतेवाड़ा जिला राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं के जरिए अब विकास की नई मंजिलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस आदिवासी बहुल जिले के लगभग आठ सौ स्कूली बच्चों ने ड्रोन (मानव रहित विमान) चलाने और उसका मॉडल बनाने का प्रशिक्षण लेकर यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक प्रतिभा के मामले में यहां के बच्चे किसी से कम नहीं है।

डॉ. सिंह ने आज शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 269 करोड़ रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस मौके पर ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण ले चुके कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने इस मानव रहित विमान के मॉडल को उड़ाने का प्रदर्शन भी किया।

डॉ. सिंह ने इसके पहले दंतेवाड़ा के ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा-माई दंतेश्वरी के आशीर्वाद से न सिर्फ दंतेवाड़ा जिला, बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में विकास और जनकल्याण के कार्य लगातार हो रहे हैं। डॉ. सिंह ने सभी लोगों को शारदीय नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने जनसभा में दंतेवाड़ा में शासकीय महाविद्यालय का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशताब्दी वर्ष पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धी के आव्हान के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में विकास के लिए उत्साहजनक वातावरण निर्मित हुआ है। डॉ. सिंह ने कहा-दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, जहां राज्य सरकार ने एजुकेशन सिटी के साथ युवाओं के रोजगार प्रशिक्षण के लिए लाईवलीहुड कॉलेज की स्थापना की। अब छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में लाईवलीहुड कॉलेज शुरू हो चुके हैं। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि भविष्य दृष्टि-युवा दृष्टि’ कार्यक्रम के तहत दंतेवाड़ा जिले के गीदम और पालनार सहित दूरदराज के लगभग 800 बच्चों को ड्रोन (मानव रहित विमान) उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से कुछ बच्चों ने ड्रोन का मॉडल भी तैयार किया है। आज इन बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने ड्रोन उड़ाने का प्रदर्शन भी किया।

मुख्यमंत्री ने आम सभा में इसका उल्लेख करते हुए कहा कि ये बच्चे निकट भविष्य में देश के पूर्व राष्ट्रपति मिसाईल मेन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की तरह प्रतिभावान बनकर निकलेंगे। डॉ. सिंह ने आदिवासी क्षेत्रों के इन बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा से प्रभावित होकर आमसभा में यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस जिले में विगत 14 वर्षों से किए जा रहे सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के कार्यों का ही यह सकारात्मक नतीजा है कि कभी पैदल और बैलगाड़ी में आने-जाने वाले लोगों के होनहार बच्चे आज ड्रोन जैसा अत्याधुनिक उपकरण भी चलाना सीख गए हैं। यहां के बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बनने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने आम सभा में जिले के अनेक प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित भी किया।

डॉ. सिंह ने कहा-दंतेवाड़ा में बैलाडीला की पहाडि़यों में लौह अयस्क की खदाने हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के खदान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए हर संबंधित जिले में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) की स्थापना की है। इससे खनिजों की रायल्टी की 33 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को जनकल्याण और विकास के कार्यों के लिए मिलने लगी है, जिसका फायदा दंतेवाड़ा जिले की जनता को भी मिल रहा है। डीएमएफ की राशि से आज यहां अनेक निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास हुआ है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि दंतेवाड़ा में ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को उनकी नियमित पढ़ाई के साथ संघ लोकसेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) की परीक्षाओं के लिए भी कोचिंग दी जा रही है और इसके लिए लक्ष्य संस्थान शुरू किया गया है। डॉ. सिंह ने दंतेवाड़ा के सरकारी जिला अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा शुरू होने पर भी खुशी जताई और कहा कि इससे मरीजों को अपने ही जिले में एक बड़ी सुविधा मिलेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल में कुशल डॉक्टरों की नियुक्ति से जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल रही है। उन्होंने इस अवसर पर जिला अस्पताल के लिए नौ करोड़ 26 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा की आमसभा में ई-मितान परियोजना का भी शुभारंभ किया और कहा कि इसका नॉलेज सर्वर अब दंतेवाड़ा के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ज्ञान के प्रसार में सहायक होगा। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आज वहां जिले के 2400 गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों का भी भूमिपूजन और शिलान्यास किया। डॉ. सिंह ने कहा-दंतेवाड़ा जिले में सड़क, बिजली और दूरसंचार सुविधाओं का भी लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने आज के कार्यक्रम में जिले की 51 महिलाओं को ई-रिक्शों का भी वितरण किया। डॉ. सिंह ने आम सभा में शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में दंतेवाड़ा जिले की उपलब्धियों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा-लगभग दो सप्ताह पहले अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने दंतेवाड़ा जिले में साक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह हम सबके लिए गर्व की बात है। आमसभा को प्रदेश के स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर बस्तर के लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, जिला पंचायत दंतेवाड़ा की अध्यक्ष श्रीमती कमला नाग, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती सुनीता भास्कर, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, बस्तर संभाग के कमिशनर श्री दिलीप वासनीकर, कलेक्टर दंतेवाड़ा श्री सौरभ कुमार और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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