दंतेवाड़ा : प्रधानमंत्री ने वीडियो क्रान्फेसिंग के माध्यम से रायपुर के बरौंडा में राष्ट्रीय जैविक प्रतिबल (स्ट्रैस) प्रबंधन संस्थान राष्ट्र को समर्पित किया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी वीडियो क्रान्फेसिंग से आयोजन में शामिल हुए,2023 होगा अन्तराट्रीय मिलेट वर्ष

दंतेवाड़ा, 30 सितम्बर 2021 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो क्रान्फेसिंग के माध्यम से रायपुर जिले के बरोैंडा में नवनिर्मित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय जैविक प्रतिबल (स्ट्रैस) प्रबंधन संस्थान राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होने समारोह में विशेष गुणों वाली 33 फसल प्रजातियों का विमोचन भी किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी वीडियो क्रान्फेसिंग के माध्यम से आयोजन में शामिल हुए। राष्ट्रीय जैविक प्रतिबल (स्ट्रैस) प्रबंधन संस्थान के निदेशक श्री प्रवीर कुमार घोष ने संस्थाओं की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि कृषि अनुसंधान और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिये भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय वीरप्पा मोइली समिति ने राष्ट्रीय परिपेक्ष में जैविक प्रतिबल (स्ट्रैस) प्रबंधन संस्थान को खोलने की अनुशंसा की थी। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में कैबिनेट द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान को एक मानित विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने का अनुमोदन किया गया तथा इसे छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर में स्थापित करना तय किया गया एवं 7 अक्टूबर 2012 को इसका शिलान्यास किया गया।

छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के बरौंडा स्थित अनुसंधान फार्म की 50 हेक्टेयर भूमि संस्थान की स्थापना के लिये आवंटित की गई। यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र विशिष्ट पौध संरक्षण का संस्थान हैं ।

वर्तमान में यह संस्थान जैविक स्ट्रैस में बुनियादी व रणनीतिक अनुसंधान, मानव संसाधन और राष्ट्रीय नेटवर्क के लिये नीति समर्थन के लिये कार्य कर रही है।

राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान 

मुख्यमंत्री  भुपेश बघेल ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के विमोचन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया जो कि 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। जिसमें स्ट्रेस से संबंधित खोज किये जाते हैं और स्नात्कोत्तर के विद्यार्थी अध्ययनरत है। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हो रहे जीरा फूल चावल एवं मिलेट मिशन के साथ-साथ रागी, कोदो एवं कुटकी की फसल उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन का कार्यों से अवगत कराये। जैविक खेती 6000 से अधिक गांव में किया जा रहा है।

12 लाख क्विंटल जैविक खाद का उत्पादन किया जा चुका है। जिससे जैविक खेती में भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने ने बताया कि केन्द्र से संचालित योजनाओं का सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाली गांधी जयंती के अवसर पर गोबर गैस से बिजली उत्पादन गौठानों में किया जायेगा।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन एवं संस्थान, रायपुर एवं फसलों की विशेष गुणों वाली 35 किस्में राष्ट्र को समर्पित किए। जिसमें किन्नों की एक कुदु की-1 विडंबीन की एक बकली की एक गेंहू के छः धान की आठ, मक्के की तरन, ज्वास के तीन, बाजरा के दो, सरसों के दो, सोयाबीन की तीन, अरहर के दो एवं चना के दो किस्म शामिल है। साथ ही साथ देश के 5 प्रगतिशील कृषकों के साथ संवाद स्थापित किये।

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