शिक्षा के मामले में बेटों को जल्द ही पछाड़ देगीं भारत की बेटियां

अगर महिलाओं की शिक्षा का स्तर इसी तेजी से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में देश में सबसे अधिक शिक्षित बेटियां होंगी।

या यूं कहे तो अब देश में लड़कों से ज्यादा पढ़ी लिखी बेटियां होंगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में लगभग 30 करोड़ छात्र-छात्राएं हैं जिसमें 48 फीसदी पर लड़कियों ने कब्जा जमा लिया है।

भारत में फिलहाल महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन उच्च शिक्षा में बढ़ते आंकड़े बता रहे हैं कि आने वाला समय लड़कियों का बोलबाला होगा।

देश में कामकाजी महिलाएं 27 फीसदी हैं जबकि संसद में महिलाओं की भागीदारी 11 फीसदी और राज्य विधानसभा में महज 8.8 फीसदी है। वहीं 500 बड़ी लिस्टेड कंपनियों में 17 कंपनियों की सीईओ महिला हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में जिस तेजी से लड़कियां आ रही हैं वह दिन दूर नहीं जब बेटियां देश में अलख जगाने का काम करेंगी।

बात करें स्कूल कॉलेज की या फिर एजूकेशनल इंस्टीट्यूशन में एडमिशन की पिछले कुछ सालों में लड़कियों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है।

महज 50 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों ने बाजी मारी है। 1950-51 में जहां 25 फीसदी लड़कियां ही उच्च शिक्षा के लिए जा पा रही थीं वह 40  वर्षों में 39 फीसदी और 50 वर्षों में 42 फीसदी के आंकड़े को पार कर गई हैं। यानी उच्च शिक्षा के मामले में लड़कियां बाजी मार ली है।

विकासशील और विकसित देशों की बात करें तो भारत तेजी से बढ़ता हुआ देश बन गया है। यूरोपीय संघ के देशों में 54 फीसदी लड़कियां उच्च शिक्षित हैं जबकि अमेरिका में डिग्री धारक लड़कियों की संख्या 55 और चीन की लगभग 54 फीसदी है।

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