छत्तीसगढ़

माओवाद के खिलाफ सड़क पर उतरी बेटियां

रायपुर /राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शुक्रवार और शनिवार को नक्सलवाद को कुचलने बेटियां सड़क पर उतरीं । ये जानकारी अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मानपुर कीर्तन राठौर ने दी। उन्होंने कहा कि, नक्सलियों ने औंधी क्षेत्र में चार 4 निर्दोष आदिवासियों की हत्या की, जिनमें एक स्कूली छात्र भी शामिल था। महज 15 साल के विनोद को मारने के बाद नक्सलियों ने पास में फेके पर्चे में उस पर 10 साल पहले मुखबिरी का आरोप लगाया है। सवाल तो यह उठता है कि, क्या विनोद 5 साल की उम्र में मुखबिरी करता था ? नक्सलियों की इस कायरता का जवाब देने जिले की बेटियां माओवाद के खिलाफ सड़क पर उतर आई हैं। वहीं बेटियों का साथ देने ग्रामीण, पुलिस और पूरा वनांचल कदमताल मिलाकर चल रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जहां मोहला में तो शनिवार को मानपुर में लोग सड़क पर उतरे और विरोध जताया।

ये वही जिला है जहां 12 जुलाई 2009 को जिले के एसपी विनोद चौबे और उनके साथ 28 पुलिस कर्मियों ने नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहादत दी थी। जिले के औंधी क्षेत्र के ग्राम पेदोड़ी, तोड़के, बागडोंगरी में निवासरत ग्राणीणों को नक्सलियों ने घर निकालकर मारा था। इस घटना से उक्त क्षेत्रों में आक्रोश है। हत्या के विरोध में शुक्रवार को मोहना थाना क्षेत्र में सभी स्कूल की छात्राएं-छात्र, ग्रामीण, नागरिक ने जुलूस निकाला। वहीं शनिवार को थाना मानपुर क्षेत्र में सभी स्कूल के विद्यार्थियों और रहवासियों ने जुलूस निकाला। जयस्तंभ चौक पर सभी ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और प्रशासन से नक्सली घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
इसी क्रम में अंबागढ़ चौकी और औंधी में भी प्रदर्शन किया जाएगा।

धुर नक्सलवाद प्रभावित इलाका : राजनांदगांव जिले का मोहला, मानपुर, औंधी और मानपुर घोर नक्सलाइल क्षेत्र है। यहां से कुछ ही दूरी पर जंगल प्रारंभ हो जाता है। नक्सलियों की धमक है। यहां आईटीबीपी और पुलिस के जवान सर्तक हैं। नक्सलियों ने जिन ग्रामीणों की हत्या की वे बाजूराम, पवन देहारी, चंदन हलवा और छात्र विनोद सलामे हैं। वहीं बीते 9 सालों में 94 जान नक्सली ले चुके हैं। 62 मौत ग्रामीणों की है। शेष एसपी विनोद चौबे और उनके साथ शहीद हुए 28 पुलिस जवानों के नाम हैं। यह जानकारी मोहला थाना निरीक्षक अजीत ओगरे और मानपुर थाना निरीक्षक लोमेश सोनवानी ने दी है। उन्होंने कहा कि, दोनों क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। सूचना मिली थी। पुलिस के जवान भी रैली-जुलूस के दौरान साथ थे।

दिवाकर गावड़े मार रहा निर्दोषों को : एएसपी राठौर
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मानपुर कीर्तन राठौर ने वीएनएस से कहा कि, कायरता पूर्ण कार्य के पीछे नक्सली कमांडर दिवाकर गावड़े का हाथ है। बौखलाहट और भड़ास निकालने के लिए वह हत्या कर रहा है। एएसपी राठौर ने कहा कि, दीवाकर के कमांडर रहते शमीला नामक महिला नक्सली मारी गई थी, इस कारण दीवाकर को बड़े नक्सली नेताओं ने बस्तर भेज दिया था। विगत 1 साल से राजनांदगांव में नक्सली धमक कमजोर हुई थी। 1 साल में 13 मुठभेड़ हुई जिनमें हार्डकोर नक्सली समीला पोटाई, समीर , रम्मो, मीना, रमशीला को मार गिराया गया था। पुलिस को एके 47, एसएसआर, इंसास आदि बरामद हुए। इनकी मौत के बाद यहां नक्सली निष्क्रिय हो गए थे। वापस पैठ जमाने के लिए दिवाकर गावड़े को राजनांदगांव की कमान दी गई और वह अब दहशत फैलाने निर्दोषों को मार रहा है। दिवाकर सहित नक्सलियों का खात्मा करने कांकेर, गड़चिरौली, राजनांदगांव में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने भी मोर्चा खोल दिया है, पुलिस उनके साथ है।

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