ज्योतिष

प्रिय मित्रों, आज से प्रत्येक लग्न में घटित होने वाले प्रमुख राजरोगों तथा उसके बाद में आज से मेष लग्न के नीच योग (अशुभ योगों ) बताने का प्रयास करेगें

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)सम्पर्क सूत्र:- 9131366453

(1) जिस जातक का जन्म मेष लग्न में होता है उस जातक को सदा ही किसी ना किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट अचानक होने की संभावना सदा बनी रहती है।

(2) यदि मेष लग्न हो और मंगल+बुध की युति होतो, जातक को रक्त चाप अथवा सर दर्द की सम्भावना होती है।

(3)मेष लग्न हो और 10 वें भाव में गुरु मकर राशी का होतो, जातक को हार्ड अटेक की सदा ही सम्भावना होती है।

(4) यदि शुक्र 8 वें भाव में होतो, जातक को वीर्य विकार अथवा शुगर की बीमारी होने की पूर्ण संभावना होती है।

(5) यदि मेष लग्न में जन्म हो और 8 वें भाव में सूर्य+मंगल+शुक्र की युति होतो, जातक को गुदा रोग, बवासीर, भगंदर, तथा नेत्र रोग समय समय पर होते रहते हैं।

(6) जिस जातक की कुंडली में गुरू+शनि होतो, यह जातक अपने जीवन में 100 % गरीबी देखने के लिए मजबूर होता है।

(7) मेष लग्न हो तथा शुक्र 6 ठे भाव में अथवा बुध 7 वें भाव में होतो, जातक/जातिका का जीवन साथी बीमार रहता है।

(8) मेष लग्न में जन्म हो और केवल मंगल+बुध की युति होतो, जातक अत्यधिक मानसिक तनावों से पागलपन की सीमा तक जा सकता है।

(9) मेष लग्न में जन्म हो और 11 वें भाव में मंगल+गुरू की युति अथवा मगल+शनि की युति जातक की संतान को कष्ट देती है।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

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