छत्तीसगढ़

टार्च की रोशनी में आई मौत….फिर दहशत में गुजरी पूरी रात

कहते हैं मौत का कोई रूप नहीं होता…वो कहीं से कभी भी आ सकती है। ऐसा ही वाकया जशपुर के कुम्हारबहार में पेश हुआ जहां अंधरे में खड़ी वृद्ध की मौत टार्च की रोशनी में उसे देखकर फूट पड़ी और उसे संभालने का मौका तक नहीं मिला।

जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हार में टार्च की रौशनी से भड़के दंतैल हाथी ने आंगन में सो रहे वृद्ध के कई टुकड़े कर दिए। इससे पहले हाथी ने गांव में उत्पात मचाया और कई मकान तोड़ दिए।

ग्रामीण की पूरी रात दहशत में गुजरी। बता दें कि हाथियों का एक दल पुरसाबहार विकासखंड के टिकलीपारा, भेलवां, कोनपारा, महुआडीह में विचरण कर रहा है। यह हाथी उसी दल से बिछड़कर इधर आ गया था।

ग्रामीणों के मुताबिक दल से बिछड़ा यह हाथी सबसे पहले खारीबहार पहुंचा और उत्पात मचाया। इसके बाद कोनपारा तेतराटोली में चार मकानों को तोड़ दिया। घर में रखे अनाज खा लिए। इसकी सूचना मिलते ही पर ग्रामीण वहां जुट गए। ग्रामीणों ने हाथी को सतपुरिया जंगल की ओर खदेड़ा। तब तक वनकर्मी भी पहुंच गए।


खदेडे जाने के बाद रात 1.30 बजे दोबारा पहुंचा दल

बताया जा रहा है कि हाथी जंगल के दूसरे रास्ते से रात करीब डेढ़ बजे ग्राम दोबारा कुम्हारबहार पहुंचा। यहां तीन मकान तोड़कर आगे बढ़ गया। अपने घर के आंगन में सो रहे बड़खा साय पिता बोहर साय (75) पर हमला कर दिया। साय के पास में ही उसकी पत्नी भी सोई थी।

हाथी की आहट से उसकी पत्नी जाग गई और चिल्लाने लगी। उसने पति बड़खा साय को भी जगाने की कोशिश की। शोर सुनकर बड़खा उठा तो उसने टार्च से हाथी की ओर रोशनी कर दी। आंख में टार्च की रोशनी पड़ते ही हाथी भड़क गया। झाड़ियों को पार करते हुए बड़खा साय पर टूट पड़ा । कई बार हाथी के पैरों से कुचले जाने के कारण बड़खा साय की मौत हो गई।

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