जापानी बुखार से एक छात्र की मौत, जांच के लिए सैंपल भेजा गया मेडिकल कॉलेज

बीजापुर।

जिले के गंगालूर में एक छात्र की जापानी बुखार से मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक छात्र गंगालूर में पढ़ रहा था जिसका नाम संतोष हेमला बताया जा रहा है। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग का अमला पहुंचा है।

बता दें कि साल भर बाद फिर से जापानी बुखार से एक छात्र की मौत की खबर है। मुख्या स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि सेम्पल जांच के लिए मेडिकल कालेज जगदलपुर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि यह जापानी बुखार सुअर से पनपता है।

जापानी मस्तिष्क ज्वर एक घातक संक्रामक बीमारी है जो फ्लैविवाइरस के संक्रमण से होती है। सर्वप्रथम साल 1871 में इस बीमारी का जापान में पता चला था इसलिए इसका नाम जैपनीज इन्सेफ्लाइटिस पड़ा है। सुअर और जंगली पक्षी मस्तिष्क ज्वर के विषाणु या वायरस के मुख्य स्रोत होते हैं।

यह रोग विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले कमजोर व्यक्तियों में ज्यादा होता है। यह बीमारी होने के पीछे मुख्य भूमिका निभाते हैं विषाणु, जीवाणु, परजीवी और रसायन आदि. वहीं इन सब कारकों के अलावा वायरल इन्सेफेलाइटिस को सबसे आम माना जाता है।

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