सदन में मंत्री शिव डहरिया और अजय चंद्राकर के बीच तीखी बहस, विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को भूपेश सरकार में श्रम मंत्री शिव डहरिया और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बीच तीखी नोक-झोंक से शुरू हुआ। दोनों के बीच श्रम कार्ड को लेकर जमकर बहस हुई, इससे सदन का माहौल थोड़ी देर के लिए गरम हो गया।

दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल उठाया कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए संचालित योजना में कितने आवेदन लबिंत है। कौशिक के पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि श्रम कार्ड बनाने के लिए 25 जनवरी 2019 तक 80 हजार 594 आवेदन लबिंत थे। आचार संहिता से पहले इसका निराकरण कर लिया गया है । अब महज 2429 प्रकरण लबिंत है। अब पात्रता नहीं है, वो बस लबिंत है, जो बचा हुआ है। उनका प्रकरण भी जल्द किया जाएगा।

तभी सदन में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने श्रम कार्ड को लेकर पूरक प्रश्न पूछा, श्रमिक कार्ड को लोक सेवा गारंटी योजना के तहत रखा गया है, जिसके तहत 15 दिनों के भीतर श्रमिक कार्ड बनना था, लेकिन 15 दिन के अंदर किसी का कार्ड नहीं बन रहा है। मंत्री ने बताया कुछ प्रकरण में अपूर्ण आवेदन की वजह से कार्ड बनने में देरी हो रही है।

जवाब में मंत्री ने बताया कुछ प्रकरण में अपूर्ण आवेदन की वजह से कार्ड बनने में देरी हो रही है। मंत्री के इस जवाब से अजय चंद्राकर और शिव डहरिया के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। इसके बाद विपक्ष ने भी जमकर हंगामा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन का वॉकआउट कर दिया।

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