16 साल बाद पत्रकार की हत्या का फैसला आज, सिरसा-रोहतक में सुरक्षा कड़ी

रामचंद्र के जरिए सामने आया था यौन शोषण मामला

पानीपत: 16 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत आज फैसला करेगा। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को 2 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे।

सुरक्षा के मद्देनजर हरियाणा सरकार की अपील पर सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करवाने की अनुमति दे दी है। इस मामले में भी जज जगदीप सिंह फैसला सुनाएंगे, जिन्होंने साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा सुनाई थी।

साध्वी यौन शोषण मामले में जो लेटर लिखे गए थे। उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं। आरोप है कि छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया।

जब वे आरोपियों की धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

आरोप है कि बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र की हत्या कर दी थी। उसके साथ निर्मल भी था। जिस रिवॉल्वर से रामचंद्र पर गोलियां चलाई गईं, उसका लाइसेंस डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर कृष्ण लाल के नाम पर था। गुरमीत राम रहीम पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

सुनवाई के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने रोहतक की सुनारिया जेल और सिरसा शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सिरसा में हरियाणा पुलिस की 12 कंपनियां डेरा सच्चा सौदा से सिरसा शहर तक तैनात की गई हैं।

इसके अतिरिक्त 10 डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर लगाए गए हैं। डेरा सच्चा सौदा को 14 पुलिस नाकों से घेरा गया है। डेरे में सभी गतिविधियां बंद की गई हैं, उन्हें आदेश दिए गए हैं कि डेरे की वीडियोग्राफी करवाई जाए।

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