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सोने के आयात में आई गिरावट, देश का व्यापार घाटा कम करने में मिलेगी मदद

दिसंबर से कम हो रहा है सोने का आयात

नई दिल्ली: चालू खाता घाटा (सीएडी) पर असर डालने वाले, सोने का आयात वित्त वर्ष 2020-21 के पहले दो महीनों के दौरान उल्लेखनीय रूप से घटकर 7.914 करोड़ डॉलर का रह गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट का कारण कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मांग में भारी कमी का होना है। 

व्यापार घाटे को कम करने में मिली मदद

वर्ष 2019-20 की इसी अवधि में सोने का आयात 8.75 अरब डॉलर का हुआ था। सोने के आयात में गिरावट से देश के व्यापार घाटे (आयात और निर्यात के बीच के अंतर) को कम करने में मदद मिली है। आयात और निर्यात के बीच का अंतर, उक्त अवधि के दौरान घटकर 9.91 अरब डॉलर रह गया जो साल भर पहले 30.7 अरब डॉलर का था। 

इस संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि व्यापार घाटे के कम होने की वजह से, भारत ने जनवरी-मार्च तिमाही में 0.6 अरब डॉलर अथवा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.1 प्रतिशत के बराबर चालू खाता अधिशेष बचा है, जबकि वर्ष भर पहले समान अवधि में 4.6 अरब डॉलर अथवा जीडीपी का 0.7 प्रतिशत का घाटा दर्ज किया गया था। 

दिसंबर से कम हो रहा है सोने का आयात

पिछले वर्ष दिसंबर से सोने के आयात में गिरावट आ रही है। मार्च, अप्रैल और मई में यह गिरावट क्रमश: 62.6 प्रतिशत, 99.93 प्रतिशत और 98.4 प्रतिशत रही। भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक है, जो मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है। 

सालाना इतने टन होता है सोने का आयात 

मात्रा के संदर्भ में, देश सालाना 800-900 टन सोने का आयात करता है। अप्रैल-मई 2020 में रत्न और आभूषण निर्यात 82.46 प्रतिशत घटकर 1.1 अरब डॉलर रहा। इसी तरह, 2020-21 के पहले दो महीनों के दौरान चांदी का आयात भी 30.7 प्रतिशत घटकर 43.789 करोड़ डॉलर रहा।

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