इस मंदिर में तेल से नहीं बल्कि पानी से जलते है दीप

पिछले 50 सालों से मंदिर में देखने को मिलता

आज के इस आधुनिक युग में कुछ लोग हिंदू धर्म और देवी-देवताओं पर यक़ीन नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को समय-समय पर भगवान अपना चमत्कार दिखाते रहते हैं। मध्यप्रदेश के गड़िया घाट में माता जी का मंदिर है। जहां अद्भुत चमत्कार देखने को मिलता है।

जिसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते है। यह मंदिर के किनारे आगरा-मालवा के नलखेड़ा गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर गड़िया गांव के पास स्थित है। इसके बारे में कहा जाता है कि यहां दीया जलाने के लिए घी या तेल की नहीं बल्कि पानी की जरुरत पड़ती है।

यह चमत्कार पिछले 50 सालों से मंदिर में देखने को मिलता है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि पहले टाइम में घी के ही दिए जलते थे।

लेकिन एक रात माता ने किसी पुराने पुजारी बाबा के सपने में आ करके इस बात को बताया कि मंदिर में दीया घी से नहीं बल्कि पास वाली काली सिंध नदी के पानी से जलेगा। अगले दिन सुबह स्थानीय लोगों के सामने इस बात को रखा गया तो किसी को यकीन नहीं हुआ।

किंतु फिर पास की काली सिंध नदी से पानी लिया और रुई को पानी में भिगो कर जलाया और इस चमत्कार को देखकर सब के होश उड़ गए थे किसी की भी हैरानी का ठिकाना नहीं रहा। उसी के बाद ही वह जल चिपचिपे पदार्थ में बदल गया।

स्थानीय लोगों को कहना है कि बरसात के मौसम में यह दीया नहीं जलता है क्योंकि पास वाली नदी का बहाव तेज हो जाता है, जिससे यह मंदिर डूब जाता है और यह पूजा-पाठ नहीं होती है। इसलिए बारिश के समय दीपक भी नहीं जलता है।

मंदिर की खास बात यह है कि सितम्बर-अक्टूबर में आने वाले शारदीय नवरात्र के पहले ही दिन दोबारा पानी से दीपक जलाया जाता है। यह दीपक अगले साल बारिश के मौसम तक लगातार जलता रहता है।

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