छत्तीसगढ़

तालाब गहरी करण पूरा नहीं हुआ और कागजों में ही पूर्ण बता कर फर्जी तरीके से राशि जनरेट कर कर लिए पूरा राशि का आहरण

मनरेगा कार्य में अन्तर्गत गहरी करण करने के लिए धड़ल्ले के साथ करा दिया गांव के बीच तालाब में पत्थर फोड़ने के लिए ब्लास्टिंग

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

प्रकाश तिवारी संवाददाता सारंगढ

सारंगढ़ जनपद अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अमझर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत पथररी तालाब का गहरी करण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया था,जो कि स्वीकृति राशि 8 लाख 59 हजार का था।कार्य पूर्ण नहीं हुआ है अधिकारियों के द्वारा कागजों में ही कार्य पूर्ण बता कर फर्जी तरीके से राशि जनरेट कर दिया गया है।हम आपको बता दे की तालाब गहरी करण के समय दो रोजगार सहायक थे।1 भोगीलाल सिदार को किसी कारण वश यहां से पद मुक्त कर दिया गया था।

उसके बाद प्रभार पर रोजगार सहायक शेशदेव पटेल को दिया गया,जो कि मनरेगा कार्य स्थल पर कभी रोजगार सहायक उपस्थित नहीं रहते थे,और कैसे रहते भी वे बेचारे क्योंकि उनका पंचायत फर्श वानी में तालाब गहरी करण कार्य चल रहा था तो,अब यह सोचनीय बात है कि मजदूरों का हाजरी कोन चड़ा रहा था। तालाब को गहरी करण 10 हिस्से में 1 हिस्से को किया गया है,काम किया हैउसके खाते में भी राशि जनरेट जो किया है उसके खाते में भी पैसा भेजा गया है।आखिरकार टेक्निकल असिस्टेंट जो हैं कई सालो से इसी क्षेत्र में बसा हुआ हैं, उनको भी कोई मतलब नहीं जैसे लगता है। उन्होंने ने भी कागजों के पन्नों पर ही मूल्यांकन सत्यापन कर दिया।

तालाब में बड़ा पत्थरों का चट्टान

तालाब में बड़ा पत्थरों का चट्टान था ,जिसे फोड़ने के लिए सरपंच जी के द्वारा कई दिनों से खुले आम धड़ल्ले के साथ ब्लास्टिंग करा दिया , कोई डर भय नहीं था,बारूद ब्लास्टिंग करने से किसी का टंकी फूटा हुआ है तो किसी का पानी का गंजी ,तो किसी के छत पर पत्थर भर गया है,जिसकी शिकायत ग्रामवासियों के द्वारा सारंगढ़ एसडीएम को दिया गया था। जिसके बाद सारंगढ़ एसडीएम चंद्रकांत वर्मा के द्वारा जांच के लिए तहसीलदार को आदेशित कर भेजा। तो वहीं तहसीलदार महोदय जी के द्वारा बयान भी ले लिया गया है।

तालाब में मिट्टी का गहरी करण कार्य किया जाता है,लेकिन आपको मिट्टी आस पास तालाब के मेड़ पर भी नहीं दिखाई देगा सिर्फ पत्थर ही दिखेगा। और अगर गहरी करण किया गया है तो तालाब का मिट्टी कहा गया संदेह व्यकत करता है । तालाब पर मौके पर जाकर नायब तहसीलदार महोदय जी एवं पटवारी जायसवाल के द्वारा निरीक्षण किया गया था।

हम आपको बता दें कि मनरेगा कार्य में बारूद ब्लास्टिंग किया गया है, गां व के लोग दहस् त में थे कि कहीं लोगो को कुछ अप्रिय घटना न हो जाए,जब ब्लास्टिंग होता था तो लोगो के धरो में पत्थरो का बारिश होता है,लगभग 10 दिनों तक नित प्रतिदिन साम को ब्लास्टिंग किया जा रहा था।

आखिरकार ग्राम पंचायत में बारूद ब्लास्टिंग करने का आखिरकार परमिशन कोन दिया है,संदेह व्यक्त करता है, बहरहाल अब देखना यह है,की सारंगढ़ एसडीएम अब इस सरपंच और जनपद पंचायत के के अधिकारियों के उपर क्या कार्यवाही करते हैं,अब देखना यह होगा।

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