मातृ छाया के बच्चों के साथ खुशियों की दीपावली

रायपुर: दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में बुधवार 18 अक्टूबर को मातृछाया बाल आश्रम कोटा में सिमरान संस्कार सोसायटी की ओर से छोटे-छोटे बच्चों के बीच दीपावली का आयोजन किया गया। माता पिता विहीन ये बच्चे दीपावली पर लोगों को अपने बीच पाकर खुश हुए। सोसायटी ने बच्चों को नए कपड़े, मिठाई, फटाखे, चॉकलेट, स्टेशनरी, खिलौने और अन्य उपहार दिए।
प्रोफेसर कॉलोनी रायपुर स्थित सुमेरु मठ श्री औघडऩाथ दरबार के पीठाधीश्वर प्रचंडवेग नाथ ने कहा कि, ये बच्चे भी हमारे ही समाज के अंग हैं, जीवन की विडंबना ही है कि ये बच्चे माता-पिता विहीन हैंं, किन्तु हम इन्हें गले लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि, आज किया गया यह आयोजन उन बच्चों की मांग नहीं अपितु हमारे आनंद और उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए है।
उन्होंने कहा कि, कार्तिक महीना खुद में एक महत्वपूर्ण महीना है। आराधना के इस कार्तिक महीने को ही पूरा त्यौहार माना गया है। इस महीने की अमावस्या विशिष्ट आराधना काल होती है, आदिशक्ति जगतजननी मां जगदंबा की आराधना होती है। इसलिए किसी ना किसी रूप में चाहे भगवान राम के अयोध्या वापसी का काल हो या अन्य, इस दिन आराधना की जाती है।
इस अवसर पर सिमरान संस्कार सोसायटी के सभी सदस्य मौजूद थे।

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