रक्षामंत्री ने चीनी सैनिकों के साथ गतिरोध के दौरान भारतीय नौसेना की अग्र सक्रिय तैनाती की सराहना की

दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले वर्ष चीनी सैनिकों के साथ गतिरोध के दौरान भारतीय नौसेना की तैयारियों की सराहना की है। उन्‍होंने कहा कि इससे भारत की तत्‍परता का पता चलता है कि वह चीन के साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार था।

स्‍वदेश में निर्मित विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के बाद श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं आत्‍मनिर्भर भारत का ज्‍वलंत उदाहरण हैं। उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार नौसेना को सशक्‍त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्‍होंने प्रोजेक्‍ट 75 के अंतर्गत भारत के लिए 43 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह पनडुब्‍बी खरीदे जाने के हाल के फैसले का उल्‍लेख करते हुए कहा कि सीबर्ड और आईएनएस विक्रांत सहित इन प्रयासों से भारतीय नौसेना की पहुंच का दायरा बढ़ेगा।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगले वर्ष स्‍वदेश में निर्मित विमान वाहक पोत को नौसेना बेड़े में शामिल किया जाना आजादी की 75वीं वर्षगांठ के सर्वोत्‍तम उपहारों में एक होगा।

श्री राजनाथ सिंह ने कोविड महामारी के बीच निर्माण कार्य में लगे सभी नौसेना अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। रक्षामंत्री ने कहा कि 42 लड़ाकू जहाज स्‍वदेश में निर्मित किए गये हैं जो देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रगति का प्रमाण हैं।

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