रक्षा मंत्री ने लेह-कराकोरम के बीच ब्रिज का किया उद्घाटन, सियाचिन पोस्ट भी देखने पहुंचीं

पहली महिला रक्षा मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लद्दाख रेंज में सियाचिन का दौरा किया। उन्होंने लेह से 120 किलोमीटर दूर ‘प्रथम-श्योक’ ब्रिज का इनॉगरेशन किया। इससे आर्मी को चीन से सटे दरबुक और दौलत बेग ओल्डी सेक्टर तक आवाजाही में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्री ने हेलिकॉप्टर के जरिए चीन और पाकिस्तान की बॉर्डर से सटे इलाकों और फॉरवर्ड पोस्ट की सिक्यिुरिटी का जायजा लिया।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों एवं र्किमयों को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर पुलों और सड़कों का निर्माण किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अलग अलग तरह के मौसम वाले राज्यों में रहने वाले जवान यहां आते हैं और इतनी ऊंची और दुर्गम जगहों पर राष्ट्र की सेवा करते हैं। यह सराहनीय है। जम्मू कश्मीर की दो दिन की यात्रा पर आयीं रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक पुल श्योक नदी पर एक बहुत बड़ा विकास है जो इस रणनीतिक क्षेत्र में स्थानीय एवं सेना की आवाजाही बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पूरी तरह जवानों के पक्ष में हैं जो सभी परिस्थितियों में राष्ट्र की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम जवानों के साथ वक्त बिताने के लिए कटिबद्ध हैं और उनके लिए जो भी संभव होगा करेंगे। ’ उन्होंने सियाचिन में प्रधानमंत्री द्वारा की गई यात्रा को स्मरण करते हुए कहा कि सरकार उन स्थितियों को जानना चाहती थी जिनमें सेना के जवान रहते हैं।

सीतारमण ने कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देती हूं कि सरकार हर समय और हर परिस्थिति में आपके साथ है। हम न केवल आपकी बल्कि आपके परिवारों, जरुरतों एवं मांगों के प्रति संवेदनशील हैं।’

बता दें, सियाचिन ग्लेशियर में सीतारमण से पहले पहले महिला मंत्री के तौर पर स्मृति भी सियाचिन ग्लेशियर जा चुकी हैं। दो साल पहले पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी सियाचिन गए थे। गौरतलब है कि सियाचिन 24 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दुनिया का सबसे ऊंचा और मुश्किल बैटल फील्ड है। यहां से चीन और पाकिस्तान पर नजर रखी जाती है।

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