डीयू स्‍टूडेंट ने किया नाबालिग का कत्‍ल, क्राइम बेस्‍ड टीवी सीरियल से मिला ‘आइडिया’

नई दिल्‍ली : डीयू स्‍टूडेंट ने अपने दो दोस्‍तों के साथ मिलकर एक नाबालिग की हत्‍या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.

आरोपी को शक था कि जतिन उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकी बढ़ा रहा है और इसी के चलते उसने जतिन की हत्या करने का प्लान बनाया. लिहाजा, शनिवार शाम वह दोनों दोस्तों के साथ किशोर को महरौली में फार्महाउस के पीछे जंगली इलाके में ले गया और वहां गला घोंटकर उसकी हत्‍या कर दी गई.

तीनों ने हत्‍या के बाद नाबालिग छात्र के शव को वहीं दफनाकर ठिकाने लगा दिया. इसके बाद आरोपियों ने लड़के की रिहाई के लिए उसके परिवार से 20 लाख रुपये की नकली फिरौती की मांग भी कर डाली.

प्रकाशित खबर के मुताबिक, पुलिस रविवार को मामले की इस पहलू से जांच करती रही कि 17 वर्षीय जयदीप गोयल उर्फ जतिन के अपहरण के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं.

हालांकि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज ने हत्‍या के मुख्‍य आरोपी नवीन सिंह के इस खेल को साफ कर दिया. पुलिस ने पाया कि नवीन सिंह, जतिन और एक अन्‍य शख्‍स के साथ बुलेट बाइक पर सवार थे, जिस पर ‘जाट’ का स्‍टीकर लगा हुआ था.

इस सुराग के बाद पुलिस ने पूरे महरौली इलाके में बाइक के तलाशी अभियान को तेज किया. हालांकि उन्हें पता चला कि बाइक पर अब स्‍टीकर नहीं है, लेकिन उसके करीबी दोस्त और क्षेत्र के निवासियों ने स्टीकर के पहले बाइक पर होने की पुष्टि की.

सिंह से पूछताछ के दौरान पुलिस को यह स्‍टीकर उसकी जेब में मिला. सबूत से आमना-सामन हो जाने के बाद उसने कबूला कि दो दोस्‍तों के साथ मिलकर उसने इस हत्‍या को अंजाम दिया.

नवीन सिंह और आकाश शुरुआत में पुलिस को घटनास्‍थल को लेकर भ्रमित करते रहे, जहां उन्‍होंने लाश को ठिकाने लगाया. इस वजह से पुलिस को उसकी लाश तो नहीं मिल पाई, लेकिन बाद वहां मिले उसके आधार कार्ड के जरिये दोनों के झूठ और घटनास्‍थल का पता चल गया.

जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया. घटना में शामिल उनका तीसरा साथी नाबालिग है, जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया है. पुलिसवालों ने घटना की गंभीर प्रवृति के चलते उसके केस को बालिग की तरह सुने जाने का आग्रह किया है.

दक्षिणी-पूर्वी रेंज के संयुक्‍त आयुक्‍त प्रवीर रंजन ने गिरफ्तारियों की पुष्टि की. पुलिस ने कहा है कि आरोपी सिंह दक्षिणी दिल्‍ली के एक कॉलेज का छात्र है, जोकि एक लड़की के प्‍यार में था.

यह लड़की जतिन के साथ महरौली स्थित एक स्‍कूल की 11वीं कक्षा में पढ़ती है. सिंह को शक था कि जतिन उस लड़की के करीब आने की कोशिश कर रहा है और बाद में लड़की के मोबाइल फोन पर कॉल्‍स की संख्‍या देखने को बाद क्रोधित हो गया था.

शनिवार को जतिन हर सप्‍ताह की तरह शाम करीब छह बजे शनि मंदिर जा रहा था, जिसके बाद नवीन और उसके साथी उससे मार्किट में मिले और उसे एक ट्रीट देने की बात कही. इसके बाद तीनों उसे छतरपुर ले गए, जहां दो लोगों ने उसे पकड़ा और तीसरे गमछे से उसका गला घोंट दिया.

उसके बाद उन्‍होंने उसकी लाश को दफना दिया. उस वक्‍त तीनों घबरा गए, जब जतिन का फोन कॉल आने पर बजा, लेकिन पुलिस केसों पर आधारित टीवी पर आने वाले एक सीरियल से प्रेरित होकर आरोपियों ने लड़के के पिता से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का फैसला किया, जिसके बाद उन्‍होंने फोन को एक नाले में फेंक दिया.

फिरौती की कॉल आने और बाद में उसका फोन बंद हाने के चलते जतिन के परिजन बेहद परेशान हो गए और उन्‍होंने पुलिस से संपर्क किया. एडिशनल डीसीपी चिनमॉय बिसवाल ने कहा कि एसएचओ अतुल वर्मा के नेतृत्‍व में एक टीम का गठन किया गया.

जांच के दौरान पाया गया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जतिन का फोन महरौली इलाके में था. इनफिल्‍ड बाइक की सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस को इस केस को सुलझाने में मदद मिली.

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