एक बार फिर से ऑड ईवन स्कीम लागू करने जा रही दिल्ली सरकार

दिल्ली के बाहर से आने वाली सीएनजी गाड़ियों को नहीं मिलेगी छूट

नई दिल्ली:दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से ऑड ईवन स्कीम लागू करने जा रही है. यह फैसला राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए लिया जा रहा है.

दिल्ली में ऑड ईवन स्कीम का दूसरा चरण 4 नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगा. ऑड ईवन का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा. सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस बार दिल्ली में ऑड ईवन के दौरान सीएनजी वाहनों को छूट नहीं मिलेगी.

उन्होंने कहा कि इस दौरान नियम तोड़ने वाले को 4 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा. गाड़ी में स्कूली बच्चे होने पर ऑड ईवन में छूट मिलेगी. इनके अलावा महिलाओं और दिव्यांगों को भी इस नियम से छूट मिलेगी.सीएम ने बताया कि इस दौरान दिल्ली के बाहर से आने वाली गाड़ियों को छूट नहीं मिलेगी. रविवार को ऑड ईवन लागू नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि 2 व्हीलर्स पर यह स्कीम लागू नहीं होगी. इसके साथ ही राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के मंत्रियों पर ऑड ईवन लागू नहीं होगी. इसके साथ ही विपक्षी नेताओं, इलेक्शन कमीश्नर, सीएजी और दिल्ली हाईकोर्ट के जजों की गाड़ियों को भी इसमें छूट मिलेगी. केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली के सीएम और मंत्रियों पर यह नियम लागू रहेगा.

दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ के स्तर पर पहुंची

राजधानी दिल्ली में गुरुवार को एक बार फिर प्रदूषण के चलते हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ की श्रेेणी में पहुंच गई. दिल्ली ओवरआल एयर क्वालिटी इंडेक्स 312 के स्तर पर पहुंच गया. दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में पीएम-10 का स्तर 301 और पीएम 2.5 का स्तर 339 पर पहुंच गया, एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक यह लेवल बेहद खराब की श्रेणी आता है.

वहीं दिल्ली के ग्रीन एरिया माने जाने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही. डीयू में पीएम -10 का स्तर 217 और पीएम 2.5 का लेवल 322 रहा. जो कि ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में है. दिल्ली के लोधी रोड में पीएम 2.5 का लेवल 307 दर्ज किया गया यहां भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही.

नोएडा में पीएम-10 का लेवल 260 और पीएम 2.5 का लेवल 329 रहा जो कि बेहद खराब की श्रेणी में है. गुरुग्राम में पीएम 10 का स्तर बेहतर रहा जबकि पीएम 2.5 का लेवल बेहद खराब दर्ज किया गया. यहां पीएम 10 का लेवल 193 और पीएम 2.5 का लेवल 323 दर्ज किया गया.

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