‘सेक्स जेल’ बने आश्रम पर हाईकोर्ट ने कहा, ये कैसा आश्रम जहां सिर्फ एक उम्र की महिलाएं

कोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई पिछले तीन दिन से इस आश्रम पर छापेमारी कर रही है

‘सेक्स जेल’ बने आश्रम पर हाईकोर्ट ने कहा, ये कैसा आश्रम जहां सिर्फ एक उम्र की महिलाएं

रोहिणी के विजय विहार स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में सीबीआई रेड के बाद भी कथित बाबा विरेंद्र देव दीक्षित के कोर्ट में पेश न होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
हाईकोर्ट ने आश्रम पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि आखिर ये कैसा आश्रम है जहां सिर्फ एक उम्र की लड़कियों को रखा जाता है। बता दें कोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई पिछले तीन दिन से इस आश्रम पर छापेमारी कर रही है।

आज दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान भी विरेंद्र देव दीक्षित के पेश न होने पर कोर्ट ने सीबीआई से दिल्ली स्थ्ति उसके आठ आश्रमों की तलाशी करने को कहा है। साथ ही सीबीआई से बाबा को खोज निकालने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि अगर आश्रम से संबंधित जरूरी जानकारी नहीं दी जाती है तो उसके संरक्षक विरेंद्र देव दीक्षित के खिलापु वारेंट जारी किया जाए। इस मामले पर अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी।

इससपे पहले बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी छापेमारी के बाद महिला आयोग और पुलिस की टीम ने बंधक बनाकर रखी गईं 41 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुलिस के मुताबिक लड़कियों ने मेडिकल कराने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें शेल्टर होम भेज दिया गया। वहीं, आश्रम का संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित अभी भी फरार है। सूत्रों के मुताबिक आश्रम में अभी भी 150 लड़कियां व महिलाएं हैं और उन्होंने बाहर आने से इनकार कर दिया है।

महिला आयोग फिलहाल इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं इनमें से कोई नाबालिग तो नहीं है। पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पुलिस व दिल्ली महिला आयोग की टीम बृहस्पतिवार सुबह फिर से छापेमारी करने पहुंची।

इस दौरान आश्रम के लोगों से कमरे की चाबियां मांगी लेकिन उन्होंने मना कर दिया। आखिरकार पुलिस टीम ने करीब 14 दरवाजों के ताले तोड़ दिए। पुलिस के अनुसार लड़कियां कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। कुछ लड़कियां बेसुध हालत में बाहर निकालीं गईं।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि आश्रम में जो भी महिलाएं हैं सभी को यहां से निकालकर नारी निकेतन में रखा जाना चाहिए। सभी की काउंसलिंग करवाई जाए, तभी सचाई सामने आएगी। उधर, दिल्ली महिला आयोग व पुलिस टीम के साथ आश्रम में मारपीट करने के मामले में विजय विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के आसपास के लोगों का कहना है कि यहां की गतिविधियों के बारे में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां रहने वाले अनुयायियों को किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी।

आश्रम के भीतर क्या हो रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं होती थी। लोगों का कहना है कि बाबा कोई अध्यात्म की बात नहीं करता था बल्कि वह हाईप्रोफाइल रैकेट चलाता था।
मैं अंदर जाऊं तो बचकर बाहर नहीं आ सकती : स्वाति

दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है कि आश्रम में यदि मैं अंदर रुक जाऊं तो बचकर सुरक्षित बाहर नहीं आ सकती। स्वाति का कहना है कि इस आश्रम का माहौल काफी डराने वाला है। हर दो कदम पर किले की तरह बड़े-बड़े गेट बनाए गए हैं जिन पर बड़े ताले लगे हैं।

स्वाति समेत पुलिस अधिकारियों ने हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बुधवार देर रात आश्रम में एक बार फिर जांच की। यहां काफी ऐसा सामान निकला है जो काफी हैरान करने वाला है। आपत्तिजनक पत्र भी मिले हैं। बृहस्पतिवार सुबह आयोग की अध्यक्ष समेत पुलिस अधिकारी तीसरी बार आश्रम जांच के लिए पहुंचे।

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