7 महीने तक हुए दुष्कर्म की पीड़िता को कोर्ट ने दी गर्भपात की इजाजत

हाईकोर्ट ने मंगलवार को 20 साल की दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति प्रदान कर दी। आरोपी द्वारा जबरन शारीरिक संबंध बनाए जाने की वजह से वह 8 सप्ताह से गर्भवती है। जस्टिस विभू बाखरू ने गर्भपात कराने की मांग को लेकर पीड़िता की ओर से दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि कानून के तहत 12 सप्ताह से कम के गर्म को गिराया जा सकता है यदि डॉक्टर इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि मानसिक पीड़ा सहित महिला को अन्य तरह के नुकसान होगा।

हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले के तथ्यों व परिस्थितयों है को देखते हुए इस बात का कोई कारण नजर नहीं आता है कि डॉक्टर गर्भपात करने से इनकार करेगा। हाईकोर्ट ने पीड़िता को गर्भपात के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से संपर्क करने को कहा है। साथ ही दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि पीड़िता के साथ किसी महिला पुलिस अधिकारी को भी साथ में भेजे। हाईकोर्ट ने पीड़िता के गर्भपात और उसके बाद होने इलाज पर होने वाले खर्च की भरपाई सरकार को करने का निर्देश दिया है।

डीएनए के लिए भ्रूण को सुरक्षित रखे…
हाईकोर्ट ने पीड़िता को गर्भपात कराने की अनुमति देने के साथ ही अस्पताल प्रबंधन से भ्रूण संरक्षित रखने को कहा है ताकि उसका डीएनए कराया जा सके। अस्पताल को निर्देश दिया है कि भ्रूण सुरक्षित तरीके से मामले के जांच अधिकारी को सौंपे जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भ्रूण का डीएनए कराने के लिए समुचित कदम उठाने का आदेश दिया है। यह आदेश इसलिए दिया है ताकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान इसे अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके।

क्या है मामला
पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने 8 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि आरोपी ने इस साल 14 फरवरी से 29 अगस्त तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी ने उसके अश्लील तस्वीर व वीडियो बनाकर उससे दुष्कर्म करता रहा जिसकी वजह से वह गर्भवती हो गई। इस मामले में पुलिस ने 17 सितंबर को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया।

निचली अदालत ने नहीं दी थी अनुमति

इस मामले में पीड़िता ने पहले तीस हजारी अदालत में अर्जी दाखिल कर गर्भपात कराने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी ने उसकी मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर गर्भपात कराने की अनुमति मांगी थी।

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