दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘द व्हाइट टाइगर’ की रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार

हॉलीवुड फिल्म निर्माता जॉन हार्ट जूनियर ने दायर किया था याचिका

नई दिल्ली: हॉलीवुड फिल्म निर्माता जॉन हार्ट जूनियर द्वारा कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए रोक लगाने याचिका दायर प्रियंका चोपड़ा और राजकुमार राव स्टारर फिल्म ‘द व्हाइट टाइगर’ की रिलीज पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

देर शाम ‘द व्हाइट टाइगर’ मामले पर तत्काल सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने इस पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी. जज ने कहा कि फिल्म की रिलीज से 24 घंटे से भी कम समय के अंदर अदालत का रुख करने के पीछे एक भी वजह दिखाई नहीं देती है. अदालत ने इस विषय की सुनवाई दो घंटे से अधिक समय तक की.

‘नेटफ्लिक्स’ को सम्मन जारी हालांकि, अदालत ने फिल्म के निर्माता मुकुल देवड़ा और ओटीटी मंच ‘नेटफ्लिक्स’ को सम्मन जारी किया. यह फिल्म आज रात ‘नेटफ्लिक्स’ पर रिलीज हो रही है. फिल्म में प्रियंका चोपड़ा और राजकुमार राव सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय किया है. यह फिलम अरविंद अडिगा की पुस्तक ‘द व्हाइट टाइगर’ पर आधारित है.

अदालत ने क्या कहा

अदालत ने संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष लिखित बयान सौंपने के लिए 22 मार्च की तारीख निर्धारित की है. अदालत ने कहा, ‘यह संभव नहीं है कि यह अदालत अभी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि प्रतिवादी फिल्म का निर्माण कर और इसे रिलीज कर कॉपीराइट का उल्लंघन करने में संलिप्त है.’ अदालत ने कहा कि देवड़ा और ‘नेटफ्लिक्स’ को फिल्म रिलीज करने की अनुमति दी जाती है. साथ ही, फिल्म के बैंक खातों का विवरण भी रखने का निर्देश दिया जाता है कि ताकि यदि हार्ट जूनियर अपने आरोप साबित करने में सफल रहते हैं तो उन्हें अदालत मुआवजा दिला सके.

वकील ने दी ये दलील

हार्ट जूनियर की ओर से पेश हुए अधिवक्ता कपिल संख्ला ने दलील दी कि अक्टूबर 2019 में उन्हें पता चला कि नेटफ्लिक्स फिल्म बनाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है और ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) मंच पर रिलीज कर रहा है. इसे लेकर देवड़ा और नेटफ्लिक्स को इस तरह के किसी कार्य से रोकने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा गया था. सीरीज एक अमेरिकी प्रोडक्शन कंपनी संचालित करने वाली सोनिया मुदभटकल का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों को यह कभी नहीं बताया गया कि फिल्म की शूटिंग 2020 में जारी रही क्योंकि कोविड-19 के चलते विदेश में इस तरह के सारे काम रोक दिये गये थे और इस वजह से कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ.

विरोधी वकील ने दी ये सफाई

देवड़ा का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने अंतिम क्षणों में अदालत का रुख किया, जो स्वीकार करने योग्य नहीं है. हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुननें के बाद कहा कि वह इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है कि प्रतिवादियों ने फिल्म बना कर और इसकी रिलीज के जरिये प्रथम दृष्टया कॉपीराइट का उल्लंघन किया है. न्यायाधीश ने कहा, ‘मैं प्रथम दृष्टया श्रीमान सेठी की इस दलील से सहमत हूं कि यदि फिल्म की रिलीज इस वक्त रोक दी जाती है तो इससे प्रतिवादियों को गंभीर एवं अपूरणीय क्षति होगी.’

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