बहू की मौत मामले में पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी को 3.5 साल की सजा

पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी देवेंद्री को पुत्रवधू हिमांशी की मौत के मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी देवेंद्री को पुत्रवधू हिमांशी की मौत के मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

छह अप्रैल 2016 को नरेंद्र के बेटे डॉ. सागर कश्यप की पत्नी हिमांशी की संदिग्ध परिस्थितियों में सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। कोर्ट ने 25 जनवरी को सागर को हिमांशी को आत्महत्या के लिए उकसाने और लाइसेंसी हथियार सही से न रखने के मामले में दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई थी। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था।

पूर्व सांसद और पत्नी देवेंद्री की सजा पर बहस के लिए 27 जनवरी तारीख मुकर्रर की गई थी। शनिवार को नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री और सागर कश्यप कोर्ट में पेश हुए।

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बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में कहा गया कि नरेंद्र कश्यप समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। वह सांसद व एमएलसी रह चुके हैं। उनका आचरण अच्छा है। बचाव पक्ष की ओर से अदालत को पूर्व सांसद की पत्नी को कैंसर होने की जानकारी भी दी गई।

शनिवार को अदालत ने देवेंद्री की बीमारी के बारे में सीएमओ से रिपोर्ट मांगी। बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने दोनों को अलग-अलग साढ़े तीन साल की साधारण सजा सुनाई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामअवतार गुप्ता का कहना है कि वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

राजनीतिक करियर दांव पर… अब नहीं लड़ पाएंगे चुनाव!

साढ़े तीन साल का फैसला आते ही पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप की चिंताएं बढ़ गई। उनके चेहरे पर शिकन साफ दिख रही थी। शिकन सामाजिक प्रतिष्ठा पर ‘धब्बा’ लगने की तो थी ही राजनीतिक करियर दांव पर लगने की भी थी। साढ़े तीन साल की सजा के चलते वह अब चुनाव के लिए भी अयोग्य हो गए हैं। वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

सेंटर फॉर रिफार्म डेवलपमेंट एंड जस्टिस के अध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2013 में एक मामले में आदेश दिया था कि दो साल से ज्यादा सजा पाने वाले नेता चुनाव के लिए अयोग्य माने जाएंगे।

हालांकि अगर हाईकोर्ट से उच्चतम न्यायालय से उनकी सजा कम या बरी हो जाते हैं तो वह फिर से चुनाव लड़ने के योग्य माने जाएंगे। उधर, पूर्व सांसद के बेटे सागर कश्यप को सात साल की सजा के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में पूर्व सांसद और पत्नी देवेंद्री को कम सजा देने की प्रार्थना की थी।

बचाव पक्ष की दलील थी कि पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह दो बार एमएलसी और एक बार सांसद रह चुके हैं। वहीं पत्नी देवेंद्र को गर्भाश्य का कैंसर है।

इस पर कोर्ट ने कविनगर पुलिस से आपराधिक रिकार्ड और सीएमओ से देवेंद्री की बीमारी की रिपोर्ट मंगाई। दोनों रिपोर्ट में उनकी ओर से दी गई दलील की पुष्टि हुई तो अदालत ने इस पर विचार किया।

यह था मामला

शनिवार दोपहर कविनगर के एसएचओ समरजीत सिंह पुलिस रिपोर्ट लेकर अदालत पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट में पूर्व सांसद और उनकी पत्नी पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला। सीएमओ की ओर से एसीएमओ डॉ. आरके यादव देवेंद्री की रिपोर्ट लेकर पहुंचे। अदालत के आदेश पर सीएमओ ने तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम गठित कर रिपोर्ट तैयार कराई थी।

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह, पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर एमके तोमर और सीनियर फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। हालांकि रिपोर्ट में तकनीकी भाषा लिखी हुई थी। इस पर अदालत ने टीम में शामिल किसी डॉक्टर को पेश होने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की टीम के सदस्य रहे डॉ. एसएन सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने रिपोर्ट को सरल शब्दों मे बनाकर कोर्ट में पेश किया।

रिपोर्ट में बताया गया कि देवेंद्र के गर्भाश्य में गांठ है। बीमारी की पुष्टि और पूर्व सांसद व पत्नी का पुराना आपराधिक रिकार्ड न होने की रिपोर्ट को आधार मानकर कोर्ट ने निर्णय दिया। देर शाम अदालत ने दोनों को साढ़े तीन-साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई।

बदांयू निवासी पूर्व मंत्री हीरालाल कश्यप की बेटी हिमांशी की शादी 27 नवंबर 2013 को गाजियाबाद निवासी एवं पूर्व सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर कश्यप से हुई थी। छह अप्रैल 2016 को हिमांशी की मौत हो गई थी।

हिमांशी के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए कविनगर थाने में नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री, सागर कश्यप, सिद्धार्थ, सरिता और शोभा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने 30 जून 2016 को नरेंद्र कश्यप, देवेंद्री कश्यप और डॉक्टर सागर कश्यप के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी थी। जांच के बाद अन्य तीन अन्य आरोपियों के नाम निकाल दिए थे।

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