अगले महीने लागू हो सकता है ऑड-इवन फॉर्मूला, CPCB ने की सिफारिश

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टास्क फोर्स ने दिल्ली-एनसीआर की गंभीर वायु गुणवत्ता स्थिति देखकर सरकार और संबंधित प्राधिकरण को 19 से 30 जनवरी के बीच निजी वाहनों पर सम-विषम योजना लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की टास्क फोर्स ने दिल्ली-एनसीआर की गंभीर वायु गुणवत्ता स्थिति देखकर सरकार और संबंधित प्राधिकरण को 19 से 30 जनवरी के बीच निजी वाहनों पर सम-विषम योजना लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा है।

दरअसल इस अवधि में दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा गंभीर वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए तय उपायों और प्रतिबंध की भी सिफारिश की गई है।

सीपीसीबी की 20वीं टास्क फोर्स बैठक बृहस्पतिवार को हुई। टास्क फोर्स ने अपनी सिफारिश में कहा है कि आसियान बैठक के दौरान हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर पर प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन की तीव्रता बढ़ाई जाए।

यांत्रिक तरीके से सफाई और पानी का छिड़काव को भी बढ़ाया जाए। वहीं ईंट भट्टे 31 जनवरी 2018 तक पूरी तरह बंद रहेंगे। टास्क फोर्स ने कहा है कि अवैध औद्योगिक गतिविधियों को पूर्ण रूप से बंद किया जाए और जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जाए।

कोल आधारित औद्योगिक इकाइयों को 15 से 30 जनवरी तक पूरी तरह से बंद कराया जाए। इसके अलावा डीजी सेट पर रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) सभी एजेंसियों से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी प्रतिबंध और उपायों को लागू करने संबंधी जमीनी फीडबैक लेने की सिफारिश भी की गई है।

वहीं दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कहा गया है कि वे वायु प्रदूषण संबंधी जागरूकता फैलाएं। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को क्या करें और क्या न करें के बारे में भी बताएं।

बैठक में सीपीसीबी के सदस्य सचिव एके सुधाकर , हेल्थ एक्सपर्ट डॉ टीके जोशी, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नंदिता मित्रा, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी बीबी अवस्थी व ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी एके तिवारी व अन्य मौजूद थे।

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