दिल्ली पुलिस और सरकार बार-बार अपने वादे से मुकर रही

पुलिस द्वारा एक बार फिर बसों की चेकिंग की जा रही

नई दिल्ली:सदन में मानसून सत्र के बीच केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को किसान संसद लगाई. इसमें 3 स्पीकर, 3 डिप्टी स्पीकर बनाए गए हैं. हर किसी को 90 मिनट का वक्त मिला है, एक स्पीकर के साथ एक डिप्टी मौजूद रहेगा.

प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद योगेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा एक बार फिर बसों की चेकिंग की जा रही है, जिसकी वजह से किसानों को जंतर-मंतर पहुंचने में देरी हुई है. अन्य किसान नेताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस और सरकार बार-बार अपने वादे से मुकर रही है और किसानों को रास्ते में परेशान कर रही है.

अलग-अलग इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के टिकरी, सिंघु, गाजीपुर बॉर्डर और जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही अलग-अलग इलाकों से किसानों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. किसानों का बड़ा जत्था बसों से जंतर मंतर पहुंच रहा है. किसान यहां पर सुबह 11 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक संसद लगा पाएंगे.

‘जबतक संसद चलेगी, तबतक यहीं रहेंगे’

किसान नेता राकेश टिकैत गुरुवार सुबह गाजीपुर बॉर्डर से सिंघु बॉर्डर रवाना हुए. राकेश टिकैत के मुताबिक, बसों से सबसे पहले सिंघु बॉर्डर जाया जाएगा. राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा संघर्ष पिछले आठ महीने से चल रहा है. हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातों को सरकार के सामने रखना चाहते हैं. किसान नेता ने कहा कि जबतक संसद का सत्र चलेगा, हम लोग जंतर-मंतर पर ही अपनी किसान संसद चलाएंगे.

किसान नेता प्रेम सिंह भांगू का कहना है कि हमारा अगला लक्ष्य उत्तर प्रदेश है. पांच सितंबर से इसकी शुरुआत होगी, हम बीजेपी को अलग-थलग करना चाहते हैं. तीनों कृषि कानूनों को वापस करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है.

किसानों की ओर से पहले ही जंतर-मंतर आने का ऐलान किया गया था. ऐसे में दिल्ली पुलिस के साथ चर्चा चल रही थी, बीते दिन डीडीएमए ने 200 किसानों को प्रदर्शन की इजाजत दी. ये किसान 5 बसों में जंतर मंतर पहुंचेंगे, शाम पांच बजे तक रुकेंगे. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए कड़ी सुरक्षा की है, सीसीटीवी से भी नज़र रखी जा रही है

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