दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल फिरोज आलम बने ACP, पढ़ें कामयाबी की कहानी

दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल ने अपनी लगन और मेहनत के चलते UPSC का इम्तेहान पास किया

नई दिल्ली:इंसान कामयाब उसके काम से नहीं बल्कि उसके व्यवहार से होता हे, इसीलिए अगर आपके पास दूसरे लोगो का साथ नहीं हे तो आप के पास पैसा होते हुए भी गरीब हे, लेकिन अगर आपके पास पैसा नहीं हे लेकिन आपके व्यवहार के कारण आप के जान पहचान वाले हर वक़्त आपकी मदद को अगर तैयार रहते हे तो आप एक कामयाब इंसान हे.

इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल ने अपनी लगन और मेहनत के चलते UPSC का इम्तेहान पास किया है. हम बात कर रहे हैं दिल्ली पुलिस की PCR यूनिट में तैनात कॉन्स्टेबल फिरोज आलम की, जिन्‍होंने हाल ही में UPSC की परीक्षा पास की है और DANICS के तहत अब वो दिल्ली पुलिस में ACP की ट्रेनिंग कर रहे हैं.

फिरोज आलम नेम 10 साल दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर नौकरी की. इसके साथ ही वह लगातार तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते रहे. उन्‍होंने की देश की सबसे प्रतिष्ठित UPSC की तैयारी और परीक्षा क्‍वालिफाई कर ये साबित कर दिया कि मेहनत अखिरकार रंग जरूर लाती है. फिरोज दिल्ली पुलिस में ACP बन गए है. फिलहाल उनकी ट्रेनिंग दिल्ली पुलिस ट्रेनिंग सेंटर झड़ौदाकला में चल रही है और अगले साल मार्च तक उन्हें तैनाती भी मिल जाएगी.

फिरोज मूल रूप से हापुड़ पिलखुवा के रहने वाले हैं. उनका जन्‍म पिलखुवा के आजमपुर देहरा गांव में हुआ था. मोहम्मद शहादत व मुन्नी बानो के घर जन्मे फिरोज ने 12वीं कक्षा पास करने के बाद 2010 में दिल्ली पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल नौकरी शुरू की. फिरोज के पांच भाई व तीन बहन हैं.

फिरोज कहते हैं कि साल 2010 में दिल्ली पुलिस ज्वाइन करने के बाद मैं अपने सीनियर अफसरों के कामकाज के तरीके और उनके रुतबे से काफी प्रभावित हुआ. उन्हें देखकर मैंने भी तय कर लिया था कि मुझे भी अफसर बनना है और इसका एकमात्र जरिया था UPSC.ऐसे में मैं कॉन्स्टेबल की नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारियों में जुट गया.

फिरोज ने कहा, “UPSC पास करना जैसा मैंने सोचा था उतना आसान नहीं था. मैं लगातार फेल होता गया. पांच बार असफल होने के बाद मैंने अफसर बनने का ख्वाब देखना लगभग छोड़ दिया, मगर मेरे साथ ही राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के गांव देवीपुरा के विजय सिंह गुर्जर जब दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल से IPS बने तो मुझमें में भी हिम्मत आई और मैंने छठा प्रयास किया. साल 2019 में मैंने 645वीं रैंक के साथ UPSC पास किया.”

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