दिल्ली पुलिस : क्राइम ब्रांच की टीम ने चोरी की गई 28 लग्जरी गाड़िया बरामद की

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने चोरी की गई 28 लग्जरी गाड़िया बरामद की हैं जिनकी कीमत करोड़ों की है और इन्हें बेहद हाईटैक तरीके से चुराया गया था

दिल्ली पुलिस : क्राइम ब्रांच की टीम ने चोरी की गई 28 लग्जरी गाड़िया बरामद की

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने चोरी की गई 28 लग्जरी गाड़िया बरामद की हैं जिनकी कीमत करोड़ों की है और इन्हें बेहद हाईटैक तरीके से चुराया गया था. पुलिस ने इस गैंग के 5 चोरों को गिरफ्तार किया है जो चोरी के बाद गाड़ियों की सप्लाई कर देते थे.

आज के समय में अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखना बेहद मुश्किल काम है. जैसे-जैसे आप और हम अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने के नए-नए तरीके अपनाते हैं, वैसे ही गाड़ियों को चुराने वाले शातिर चोर हाईटेक तरीके अपना लेते हैं. पुलिस की गिरफ्त में आ चुका सोनू पहले करनाल, पानीपत में मारुती के ऑफिशियल ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर में मकैनिक था और इसे मारुती की किसी भी गाड़ी को आसानी से खोलना आता था.

लिहाजा सोनू ने मकैनिक का काम छोड़कर कुछ लोगों के साथ मिलकर गाड़ियों को चुराना शुरू कर दिया और फिर इन गाड़ियों को नार्थ ईस्ट के इलाके जैसे नागालैंड में बेच दिया जाता था, जिसके लिए गाड़ियों को कन्टेनर में रखकर नागालैंड भेजा जाता थ. इससे पहले भी अक्टूबर में करीब 50 चोरी की गई गाड़ियां बरामद की जा चुकी है.

कैसे करते थे गाड़ी की चोरी

असल में जो गाड़ियां रोड ऑफ यानी स्क्रैप हो जाती हैं ये इंशोरेंस कंपनी से उस स्‍क्रैप की गई गाड़ी के साथ उसके पेपर्स भी खरीद लिया करते थे. फिर उसी स्क्रैप की गई गाड़ी के मॉडल की दूसरी गाड़ी की तलाश करते थे और फिर उस गाड़ी का शीशा फोड़ पहले गाड़ी के लॉक को फ्री करने के लिए इस मजबूत चुंबक जैसी मशीन का इस्तेमाल करते थे. फिर इस गाड़ी के ईसीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन मॉड्यूल को स्क्रैप की गाड़ी के ईसीएम से बदल दिया करते थे और क्लोनिंग डिवाइस से गाड़ी को रीड करके उसे स्टार्ट कर चोरी कर लिया करते थे.

28 गाड़ियां बरामद की गई हैं

इसके बाद शातिर चोर इस नई गाड़ी के पेपर्स को पुरानी गाड़ी में बदल दिया करते थे, यानी अब चोरी की गई गाड़ी वो स्क्रेप की गई गाड़ी हो जाती थी. उसका चेसिस नंबर, इंजन नंबर सब स्‍क्रैप की गाड़ी से बदल दिया करते थे ताकि गाड़ी की पहचान न हो पाए. क्राइम ब्रांच ने इनके पास से 28 गाड़ियां बरामद की है साथ ही चोरी करने के लिए टूल्स जैसे लॉक सेट, ईसीएम, कोड स्कैनर डिवाइस, ड्रिल मशीन, वायर कटर, हैमर, मैग्नेट और भी कई इंस्‍ट्रूमेंट बरामद किए हैं.

गेयर लॉक लगी गाड़ी को नहीं चुराते थे

यहां एक बात बतानी भी बेहद जरूरी है कि ये चोर उन गाड़ियों को चोरी नहीं किया करते थे जिनमें गेयर लॉक लगा होता था क्योंकि गेयर लॉक को तोड़ना बेहद मुश्किल होता है और उसमें ज्यादा समय लगता है तो गेयर लॉक गाड़ी में लगाना बेहद जरूरी होता है.

साफ़ है कि जैसे-जैसे कार कंपनियां तकनीक से लैस होती जा रही हैं वैसे-वैसे ही ये चोर भी तकनीक का इस्तेमाल गाड़ी चोरी करने में कर रहे हैं. ऐसे में कुछ ऐसे तरीके हैं जिनसे इन चोरों से अपनी गाड़ी को बचा जा सकता है. जिस गाड़ी में सुरक्षा के ज्यादा उपकरण होंगे उन्हें चोरी करने में चोरों को ज्यादा समय भी लगेगा और वो उसमें आसानी से कामयाब भी नहीं हो पाएंगे.

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