दिल्ली: 26-30 अक्टूबर तक भवन निर्माण गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध

दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता ''बेहद खराब'' श्रेणी में पहुंचने पर ईपीसीए कहा

नई दिल्ली: दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता ”बेहद खराब” श्रेणी में पहुंचने पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अधिकृत संस्था ईपीसीए ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी तथा आस-पास के उपनगरीय शहरों में 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक भवन निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।

दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) के अध्यक्ष भूरे लाल ने इस दौरान फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत और बहादुरगढ़ में कोयला आधारित उद्योगों, बिजली संयंत्रों को बंद करने का निर्देश जारी किया है।

यह प्रतिबंध केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव के नेतृत्व में

यह प्रतिबंध केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रदूषण रोधी कार्य बल से मिली सिफारिश के आधार पर लगाया गया है। ईपीसीए के अध्यक्ष ने निर्देश दिया, ”दिल्ली में वैसे उद्योग जिन्होंने अब तक पाइप आधारित प्राकृतिक गैस को नहीं अपनाया है वे 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक बंद रहेंगे।”

पंजाब एवं हरियाणा में पराली जलाने पर रोक

उन्होंने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को पंजाब एवं हरियाणा में पराली जलाने पर रोक के लिये कड़ी कार्रवाई करने तथा पटाखों एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चलते देखने पर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

पत्र में उन्होंने कहा, ”आम तौर पर सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले हॉट-मिक्स संयंत्र, स्टोन क्रशर और खुदाई जैसी निर्माण गतिविधियों जिनसे धूल उड़ने की संभावना रहती है, वे दिल्ली एवं गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ में 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे के बीच बंद रहेंगे।”

ईपीसीए ने दिल्ली यातायात पुलिस एवं पास के सभी इलाकों में एनसीआर शहरों में खासकर राष्ट्रीय राजधानी के बेहद व्यस्त यातायात वाले मार्गों में वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिये अतिरिक्त श्रमबल की नियुक्ति करने का आदेश दिया है।

इसमें दिल्ली-एनसीआर के जिला प्रशासनों को अवैध रूप से चलने वाले उद्योगों एवं अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है। ये सभी कदम सीपीसीबी द्वारा बनाये गये ‘ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान’ का हिस्सा हैं जिन्हें स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदूषण रोधी सख्त उपायों में सूचीबद्ध किया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब

दिवाली से दो दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता शुक्रवार को इस मौसम में सबसे खराब रही। शहर की कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 315 था जबकि बृहस्पतिवार शाम में यह 311 था। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतर जगहों पर एक्यूआई ”बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज किया गया जबकि कुछ इलाकों में यह ”गंभीर” श्रेणी में दर्ज किया गया।

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