दिल्ली में इस बात को लेकर आप सरकार और एलजी के बीच ठना- ठनी

नाराज सरकार ने उन पर नए सिरे से हमला बोलते हुए कहा कि यह बैठक गैरकानूनी थी और उनको तानाशाह बनने की बजाय संविधान का पालन करना चाहिए। उपराज्यपाल पर समानांतर सरकार चलाने के आरोप लगाए गए

दिल्ली

आप सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल में अब सीसीटीवी कैमरों को लेकर ठन गई है। उपराज्यपाल ने सीसीटीवी कैमरों के लिए इंटर एजेंसी ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। लेकिन सीसीटीवी पर उपराज्यपाल की मीटिंग से आप सरकार भृकुटि तन गई। नाराज सरकार ने उन पर नए सिरे से हमला बोलते हुए कहा कि यह बैठक गैरकानूनी थी और उनको तानाशाह बनने की बजाय संविधान का पालन करना चाहिए। उपराज्यपाल पर समानांतर सरकार चलाने के आरोप लगाए गए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि उपराज्यपाल को संविधान का सम्मान करना चाहिए और संविधान का पालन करना चाहिए। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल को समानांतर सरकार चलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और उनके पास उन मुद्दों पर बैठक बुलाने का कोई अधिकार नहीं है जो सरकार के दायरे में आते हैं। उधर,बैठक के बाद बैजल ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सीसीटीवी लगाने में एकरूपता के मकसद से स्थायी परिचालन प्रक्रिया तैयार करने के लिए एक इंटर एजेंसी ग्रुप बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश, पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

वही इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मुद्दों पर बैठक बुलाने का अधिकार उपराज्यपाल को नहीं है। सीसीटीवी का क्रेडिट लेने के चक्कर में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हुआ है। बता दें कि उपराज्यपाल ने वीरवार को कानून व्यवस्था पर बैठक की और राजधानी में लगे सीसीटीवी के परिचालन व रखरखाव की समीक्षा की। लेकिन उपराज्यपाल के इस कदम से आप सरकार भड़क गई।

जनभागीदारी से लगे 2 लाख कैमरे

दिल्ली पुलिस ने इस दौरान एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। उपराज्यपाल को बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सीसीटीवी कैमरों को लगाने के लिए जगह चिन्हित कर लिया गया है। वर्तमान में 87 विभिन्न स्थानों पर 4067 सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। जबकि 1&80 कैमरों को लगाने की प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय में विचाराधीन है। लगभग 2 लाख कैमरों को जनभागीदारी (मार्केट एसोसिएशन व आरडब्ल्यूए) आदि के सहयोग से लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 11000 कैमरों को अन्य एजेंसियों जैसे डीएमआरसी,एनडीएमसी,रेलवे व डायल द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाया गया है। 29 स्थानों पर एटोमेटिक नंबर प्लेट रिकागनेशन कैमरे लगाए गए हैं जो स्वत: ही सूचना नियंत्रण कक्ष को भेजेंगे।

कैमरों के लिए इंटर एजेंसी ग्रुप

सीसीटीवी का मुख्य उद्देश्य अपराध को रोकना और सुरक्षा प्रदान करना है। अगर सीसीटीवी कैमरों को पुलिस के साथ समन्वय के बिना विभिन्न एजेंसियों द्वारा स्थापित किया जाता है तो सीसीटीवी लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। ऐसे में इंटर एजेंसी समूह स्थापित करने के लिए कानून के तहत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए जो कैमरों को लगाने में एकरूपता के साथ उसकी गोपनीयता,सुरक्षा,फीड शेयरिंग, एकीकरण व इसके अधिकतम इस्तेमाल संबंधी मुद्दों को देखेगी।

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