छत्तीसगढ़

विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव की पार्टी विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग

जशपुर।

चंद्रपुर विधानसभा के ग्राम सकर्रा बाजार प्रांगण में शुक्रवार को दोपहर हजारों भाजपा कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव की पार्टी विरोधी गतिविधियों पर अपनी-अपनी बात रखी। साथ ही विधायक के रूप में उन्हे दुबारा नहीं चुनने के लिए भी बात कही।

भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपना विचार रखते हुए कहा कि हम अपनी उपेक्षा बर्दाश्त कर लेंगे, हमारे दुख-सुख में हमारा विधायक कभी साथ न दे, तो भी हम उसे बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन हमारा विधायक हमारी ही पार्टी की लाइन से हटकर काम करे, पार्टी विरोधी काम करे, और पार्टी की उपेक्षा करते हुए बयानबाजी करे तो उसे बर्दाश्त नही करेंगे। क्यांकि पार्टी हमारे लिये सर्वोपरि है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जी का पुतला जलवाना और पार्टी के निर्णय के विरोध में नगर बन्द कराना, चक्काजाम कराना, बिल्कुल गलत काम है।

यह पार्टी विरोधी काम है। यह सरासर अनुशासनहीनता है। जब पार्टी ने उपरोक्त आरोप में कुछ लोगों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है उसके बावजूद निष्कासित लोगों को विधायक श्रीजूदेव ने विशेष जिम्मेदारी देकर उन्ही कार्यकताओं को आगे बढ़ाया है। बाकी वरिष्ठ कार्यकर्ताओ की घोर उपेक्षा की है। निष्कासन समाप्त होने के पहले किसी भी निष्कासित कार्यकर्ता को पार्टी का पदाधिकारी बनाना पार्टी नियमों के विपरीत है।

पार्टी अनुशासन की उड़ाते हैं धज्जियां

कार्यकर्ताओं ने कहा कि विधायक श्रीजूदेव अक्सर सोशल मीडिया में पार्टी अनुशासन की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यंत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि पार्टी को मजबूत करने के लिये और हमारे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सरकार का हाथ मजबूत करने के लिये जिस इंसान को हमने वोट दिया था, वही व्यक्ति विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ नजर आता है।

मीडिया के माध्यम से हमे पता चलता है कि हमारे विधायक जी विधानसभा भवन के अंदर हमारी सरकार द्वारा प्रस्तुत विधेयक का समर्थन करने के लिये कभी नही जाते हैं, जिसके कारण पार्टी ने उन्हें नोटिस भी दिया है। विपक्ष द्वारा जब हमारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। जहां पार्टी के विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य थी। तब भी हमारी सरकार का सपोट करने के लिये हमारे विधायक जी विधानसभा भवन नही गए जबकि सभी भाजपा विधायक वहां उपस्थित हुए थे।

नेताओं के कार्यक्रम का अघोषित बहिष्कार

हमारे जिले के नवनिर्मित भाजपा कार्यालय में अनेक बार महत्वपूर्ण बैठकें हुई, जिसमें प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता उपस्थित हुए। लेकिन हमारे विधायक श्री जूदेव जी एक मिनट के लिये उपस्थित नही हुए। मुख्यमंत्री, मंत्री, पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और यहां तक पार्टी के संगठन मंत्रियों की बैठकों में भी हमारे क्षेत्र के विधायक आजतक कभी नही आए। एक तरह से वे हमारे पार्टी के बड़े नेताओं के कार्यक्रम का अघोषित बहिष्कार करते हैं।

हमारी भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में आयोजित रैली एवं धरना प्रदर्शन का परोक्ष अपरोक्ष रूप से समर्थन करते हैं। और पार्टी को मजबूत करने के बजाय खुद के नाम से अलग से युध्दवीर सेना नामक अलग से संगठन चलाते हैं। ये सब काम पार्टी के नियमों के सख्त खिलाफ है। उनके ऐसे रवैये के कारण पार्टी के कार्यकर्ता हतोत्साहित हो रहे हैं और गलत संदेश जा रहा है।

पार्टी ने दिया सम्मान और सुविधाएं

वरिष्ठ कार्यकर्ताओ ने कहा कि भाजपा ने युध्दवीर सिंह जूदेव को बहुत कुछ दिया है। पार्टी ने उन्हें छप्पर फाड़ के दिया है । मिशाल है कि वे इस क्षेत्र से 280 किमी दूर, एक अलग जिले के निवासी है, इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें हमारे यहां से विधायक बनाया। निष्क्रियता के बावजूद और इतने कम आयु में संसदीय सचिव बनाया, बेवरेज करपोरेशन का चेयरमैन बनाकर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया हुआ है।

पार्टी ने उन्हें इतना सम्मान और सुविधाएं दिया है। उसके बावजूद वे पार्टी की सरकार को सदन में साथ देने के लिये कभी हाजिर नही होते। पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके प्रति जितनी उदारता और शालीनता का व्यवहार बरत रहे हैं युध्दवीर सिंह जूदेव उतनी ही अधिक पार्टी लाइन का अतिक्रमण करते नजर आ रहे हैं।

गुमशुदा विधायक लिखकर गांव-गांव बांटा पर्चा

भाजपा कार्यकर्ताआें ने कहा कि जब विपक्षी दल के द्वारा हमारी पार्टी के विधायक के बारे में गुमशुदा विधायक लिखकर गांव-गांव पर्चा बांटा जा रहा है तो उनका सर शर्म से झुक जा रहा है। चन्द्रपुर क्षेत्र में श्रीजुदेव ने दिखावा के लिये एक घर जरूर बनाया है लेकिन वे उसमें नही रहते हैं। हमेशा उनके घर पर ताला लटका रहता है।

स्थानीय कार्यकर्ता विधायक जी से मिलने जशपुर चले जाते हैं, वहां पता चलता है कि वे रायपुर में है तो वे रायपुर उनके घर चले जाते हैं, लेकिन रायपुर के घर मे होते हुए भी कई-कई घंटे इंतजार करने के बावजूद युध्दवीर सिंह किसी कार्यकर्ता से नही मिलते। मोबाइल पर भी कभी बात नही करते हैं। क्षेत्र के सैकड़ों जनप्रतिनिधियों के साथ वे ऐसा बर्ताव कर चुके हैं। जिससे सभी अपमानित महसूस कर रहे हैं।

अंत मे कार्यकर्ताओं ने एक स्वर से कहा कि उन्हें अपने मान अपमान की कोई चिंता नही है। बल्कि पार्टी की प्रतिष्ठा की चिंता है। वे चन्द्रपुर में भाजपा विधायक बनाना चाहते हैं। इसी कारण समय पूर्व पार्टी की स्थिति को ठीक करने के उद्देश्य से यह बैठक किये हैं। बैठक में यह तय हुआ है कि तमाम विषयों पर कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक हस्ताक्षर युक्त एक आवेदन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दिया जाएगा।

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