छत्तीसगढ़

शराब दुकान हटाने की मांग, महिलाओं ने घेरा आयुक्त निवास

शराब दुकान खोलने और हटाने का मामला आबकारी विभाग से संबंधित

बिलासपुर। रविवार की दोपहर महिलाओं ने वसुंधरा नगर में संचालित शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त निवास का घेराव कर दिया। सूचना मिलते ही निगम के इंजीनियर भी मौके पर पहुंच गए।

शराब दुकान खोलने और हटाने का मामला आबकारी विभाग से संबंधित है। इस बात को समझाने में उन्हें पौन घंटा लग गया। आबकारी विभाग ने वसुंधरा नगर में सरकारी शराब दुकान खोल दी है। यह पूरा क्षेत्र आवासीय है।

कस्तूरबा नगर के लोगों का भी शराब दुकान के आसपास से ही आना-जाना होता है। आयुक्त का घेराव करने पहुंची महिलाओं ने शिकायत करते हुए बताया कि इस शराब दुकान के कारण आसपास का माहौल खराब हो रहा है।

यहां से गुजरने पर शराब महिलाओं से छींटाकशी करते हैं। अक्सर छेड़खानी का भी सामना करना पड़ता है। कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार लोगों से कई बार शिकायत करने के बाद भी शराब दुकान नहीं हट रही है।

ऐसे में उन्होंने गौरव पथ में मौजूद आयुक्त बंगले का घेराव कर दिया। उनकी मांग थी कि इस दुकान को आवासीय क्षेत्र से स्थानांतरित किया जाए। घेराव के समय आयुक्त घर पर मौजूद नहीं थे।

सूचना मिलते ही कार्यपालन अभियंता पीके पंचायती,अतिक्रमण प्रभारी प्रमील शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। महिलाओं की मांग को सुनकर अधिकारी भी हैरान थे। शराब दुकान खोलना या बंद करना निगम का काम नहीं है।

काफी देर तक महिलाओं को समझाया गया कि शराब दुकान खोलना या बंद करना है तो आबकारी विभाग से शिकायत करें। इसी तरह शराबियों के द्वारा कोई उपद्रव किया जा रहा है तो इसकी शिकायत एसपी से होनी चाहिए।

वो सुरक्षा के इंतजाम करेंगे। काफी समझाइश के बाद महिलाओं को समझ आया कि निगम इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। अंत में उन्हें आश्वासन दिया गया है कि शराब दुकान के कारण जो गंदगी हो रही है, उसे निगम जरूर साफ करवा देगा।

महिलाओं को आबकारी और पुलिस से संबंधित शिकायत थी। शराब दुकान बंद करना या छेड़खानी करने वालों को रोकना निगम का काम नहीं है। हमने उन्हें समझाइश दी है। निगम से संबंधित शिकायत होने पर समाधान किया जाएगा।

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