स्वास्थ्य विभाग मे स्थाई पोस्ट मॉर्टम कर्मचारी नियुक्ति कि मांग

- राजशेखर नायर

नगरी: स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर शासन लाखो रुपये खर्च कर रही है। हाल ही में मुख्य मंत्री भूपेश बघेल के घुटकेल दौरे मे नये सीविल अस्पताल निर्माण की घोषणा भी की गई पर विकास खण्ड मे स्वाथ्य सुविधाओ का हाल बुरा है मात्र तीन चार डॉक्टरों के भरोसे नगरी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रही है।

सबसे बड़ी परेशानी इस बात की है कि इतने बड़े नगरी विकासखंड केलिये एक भी पोस्ट माँर्टम के दौरान शव के चीर फाड हेतु शासकीय स्थाई कर्मचारी की अब तक नियुक्ति का न होना है। जब भी आकस्मिक दुर्घटना ग्रस्त या मृत्युपरांत शव , शवपरीक्षा केलिये नगरी स्वास्थ्य केंद्र लाई जाती है तो शल्य प्रक्रिया हेतु स्थाई कर्मचारी न होने से अक्सर पोस्ट माँर्टम प्रक्रिया समय पर पुरी नही हो पाती, शव लेकर आये परिजनों को परेशानीयो का सामना करना पढता हैं, जुगाड़ के कर्मचारी के भरोसे पोस्ट माँर्टम शल्य प्रक्रिया पुरी कि जाती है, बदले में मृतक के परिजनों से चार से पांच हजार रूपये तक वसूले जाते है साथ ही पुलिस की परेशानी भी झेलनी पढ़ती है।

शनिवार 16 मार्च को दो अलग अलग घटनाओ में दो लोगो की मौत हो गई, जुगाड़ के चीरफाड़ करने वाले एक व्यक्ति ने शवओ का शल्य क्रिया किया और परेशान परिजनों से छह हजार रुपये वसूले, जबकि वह व्यक्ति शासकीय विभाग मे कार्यरत भी है ।

सर्वधर्म समिति के अध्यक्ष सन्नी छाजेड़ ने स्थाई कर्मचारी नियुक्त करने कलेक्टर धमतरी से निवेदन करने की बात कही है साथ ही शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र मे नए डॉक्टरों कि कमी को देखते हुए डॉक्टरों की सँख्या मे ईजाफा करने का भी निवेदन करने की बात कही है।

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