सेना के नाम पर वोट मांग रहे प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव प्रचार से रोका जाए: कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस(Congress) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर सेना (Indian Army) के नाम पर बार-बार वोट मांगने का आरोप लगाया और चुनाव आयोग (Election Commission) से आग्रह किया कि योगी आदित्यनाथ एवं कुछ अन्य नेताओं की तरह प्रधानमंत्री को भी कुछ दिनों के लिए चुनाव प्रचार से रोका जाना चाहिए। कांग्रेस ने इस विषय तथा कुछ अन्य विषयों पर चुनाव का रुख किया और प्रतिवदेन सौंप कर कहा कि आयोग इनका संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे।

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhavi) ने संवाददाताओं से कहा कि हमने चुनाव आयोग को बताया कि उनके बार बार लिखित आदेश देने के बाद भी सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री बार बार यह कर रहे हैं। वह हर तरह से सेना के नाम पर वोट मांग रहे हैं। हमने इस बारे में चुनाव आयोग को कई उदाहरण भी दिए हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) एवं कुछ अन्य नेताओं के चुनाव प्रचार करने पर लगी रोक हवाला देते हुए कहा कि देश में सबके लिए बराबर कानून है। हमने कहा है कि प्रधानमंत्री के चुनावी प्रचार रोक लगाने चाहिए, चाहे यह रोक एक दिन की हो, दो या तीन दिनों का हो।

कांग्रेस ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण(Nirmala Sitharaman) पर भी लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2019) के दूसरे चरण के मतदान के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और इस संदर्भ में चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत की। पार्टी ने कर्नाटक के गृहमंत्री एमबी पाटिल (MB Patil) के नाम से एक ‘फर्जी पत्र को प्रसारित किए जाने और सरकार द्वारा जांच एजेंसियों का ‘दुरुपयोग किए जाने एवं कुछ अन्य विषयों को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की तथा उचित कार्रवाई की मांग की।

चुनाव आयोग को प्रतिवेदन सौंपने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) संवाददाताओं से कहा कि गत 18 अप्रैल को बेंगलुरू में मतदान करने के बाद सीतारमण ने ‘फिर एक बार मोदी सरकार कहा जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के लोग चुनाव का कोई परवाह नहीं करते। अगर रक्षा मंत्री ऐसा करने लगेगी तो क्या संदेश जाएगा। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि वह इस मामले का संज्ञान ले।

सिब्बल ने कहा कि एमबी पाटिल के हवाले से एक पत्र प्रसारित किया जा रहा है। हमने इसके बारे में शिकायत की है। यह पत्र बहुत पुराना है और इस बारे में जुलाई 2017 में हमने शिकायत की थी। अब 16 अप्रैल को यही पत्र एक अखबार में छपा और एक चैनल पर प्रसारित कर रहे है। भाजपा(BJP) के लोग और प्रधानमंत्री के करीबी लोग इस फर्जी पत्र को फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमने आग्रह किया कि इनके लिए जालसाजी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज होना चाहिए। बीएस येदियुरप्पा(BS Yediyurappa) और भाजपा के लोगों ने इसे प्रचारित एवं प्रसारित इस पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। सिब्बल ने यह भी कहा कि छापेमारी को लेकर हमने शिकायत की है। हमने कहा कि यह निष्पक्ष ढंग से होना चाहिए। सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। हमने कहा है कि इस मामले में कड़ा से कड़ा कदम उठाया जाए।

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