छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में डेंगू ने पसारा अपना पांव, स्वास्थ्य मंत्री ने किया विभाग को अलर्ट

हर महीने 40 से अधिक लोग डेंगू की चपेट में

रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है। बारिश आते ही तरह तरह की बीमारियां भी फैलने लगती है। साथ ही छत्तीसगढ़ में डेंगू पहले से ही फैला हुआ है। अब इंका कहर बरस रहा है।

छत्तीसगढ़ में जनवरी से लेकर अभी तक 341 डेंगू के मरीज मिले हैं। यानी हर महीने 40 से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी गंभीर मामला मानकर विभाग को अलर्ट रहने और हर मरीज़ को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री खुद भी लगातार इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

डायरेक्टर महामारी डॉ साहनी का कहना

डायरेक्टर महामारी डॉ साहनी का कहना है “हम रोज ज़िलेवार आँकड़े मँगा रहे हैं, उनकी रोज समीक्षा होती है। वे इसे खारिज करते हैं कि रोज एक से अधिक डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, राज्य के हर जिले से मरीज़ मिले हैं..पर ऐसा नही है कि, हर रोज मरीज़ मिल रहे हैं जैसे कल का जो चार्ट है, उसमें पूरे प्रदेश में कहीं नया मरीज़ दर्ज नही है।” जबकि, डा0 साहनी को ये नहीं पता कि जनवरी से लेकर अब तक 341 लोगों को डेंगू होने का आफिसियल फिगर उनके विभाग से ही मिला है।

ज्ञातव्य है, डेंगू मच्छरों से फैलता है, इसे कई जगहों पर “हड्डी तोड़ बुखार” के नाम से जाना जाता है। डेंगू से रक्त वाहिकाओं में में रिसाव होता है, प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं, और कभी शॉक सिंड्रोम होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बहुत ही ख़तरनाक स्तर पर लो हो जाता है।

लक्षणों के आधार पर ही मरीज़ और परिजनों को सतर्क रहने के अलावा कोई विकल्प नही होता, क्योंकि डेंगू वायरस की पहचान के लिए ही कम से कम 72 घंटे लगते हैं। इसलिए ही यह हिदायत दी जाती है कि मच्छरों के पनपने की स्थिति ही ना आने दें।

स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ ने कहा

स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ ने कहा “मरीज़ों का मिलना यह बता रहा है कि, विभाग मुस्तैद है, हम लगातार काम कर रहे हैं। बंसोड़ का कहना है, मरीज़ यदि मिल रहे है तो उनको उपचार भी मिल रहा है, किसी की भी मौत डेंगू से नहीं हुई है।”

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है, रायगढ़ इलाक़े में सबसे ज़्यादा डेंगू प्रभावित मिले हैं। चिकित्सा विभाग लगातार परीक्षण के बाद इस तथ्य पर पहुँच रहा है कि, डेंगू उन इलाक़ों में ज़्यादा फैला है जहाँ बाहरी इलाक़ों से लोग पहुँचे हैं। मसलन कोंटा में जहाँ पर कि सुरक्षा बल के जवान डेंगू की चपेट में आए, वे आँध्र प्रदेश से लौटे थे।

विभाग का काम है, स्वास्थ्य सेवा देना

स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने एनपीजी से कहा “विभाग का काम है, स्वास्थ्य सेवा देना..हर मरीज़ की पहचान हो जाए और उसे स्वस्थ्य किया जाए। अमले को अलर्ट मोड पर रखा गया है।”

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