छत्तीसगढ़

दंतैल हाथियों का आतंक, नौ मकानों को तोड़ा

फसलों को पहुंचाया नुकसान, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

– रोशन सोनी

सरगुजा (लखनपुर)। दंतैल हाथियों ने वन परिक्षेत्र लखनपुर के ग्राम तुर्गा और सकरिया के पहाड़ी कोरवाओं के 9 मकान और तीन लोगों की फसल को छति पहुंचाया है, उत्पाती हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।

रात्रि में महिलाएं एवं बच्चें स्कूल में रात बिताने को मजबूर हैं, वहीं वन विभाग ग्रामीणों को भोजन एवं अन्य साधन उपलब्ध करा रही है तथा आधा दर्जन जंगली हाथियों से बचने के लिए कुछ लोग तो सुरक्षित स्थानों में जा रहे हैं। आज लगातार चौथे दिन जंगली हाथियों का उत्पात वन परिक्षेत्र लखनपुर के वनांचल क्षेत्रों में चल रहा है।

लोगों की नाराजगी
ग्रामीण काफी आक्रोशित होकर इस जटिल समस्या से निजात पाने के लिए शासन और प्रशासन से मांग भी कर रहे हैं, परंतु आज तक किसी प्रकार का कुछ ऐसा पहल प्रशासन के द्वारा नहीं किया गया है, जिससे लोगों की नाराजगी काफी बढ़ती जा रही है।

स्कूलों में गुजारनी पड़ रही है रात
लखनपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत विगत 4 दिनों से ग्राम लब्जी, सकरिया, तुर्गा, चोडया, सहित आसपास के आधा दर्जन गांव जंगली हाथियों से प्रभावित है, वन विभाग के द्वारा उत्पाती हाथियों से बचाव के लिए पहाड़ी कोरवाओं के एवं आदिवासी ग्रामीणों के महिलाएं एवं बच्चों को स्कूलों में रात गुजारनी पड़ रही है।
वहीं भोजन की व्यवस्था एवं प्रकाश की व्यवस्था वन विभाग के द्वारा प्रत्येक दिन दिया जा रहा है , 2 अगस्त की बीती रात जंगली हाथियों का दल ने ग्राम सकरिया, तुर्गा में पूरी रात आतंक मचाया तथा इसमें 9 पहाड़ी कोरवाओं सहित आदिवासियों के मकान बुरी तरह छतिग्रस्त हो गया है।

सैकड़ों एकड़ की फसल चौपट
हाथियों ने ग्रामीणों के फसल चौपट कर दिए हैं, वही वन विभाग के डिप्टी रेंजर श्री राय ने बताया कि 2 अगस्त की बीती रात ग्राम तुर्गा के पहाड़ी पंडो की बस्ती में 6 हाथियों का दल ने नोहर साय,पिता चिटकु पण्डो, अनिल पंडो पिता सुकुल पंडो, सोमार साय पिता पुछ्रु पंडो ,जेठू राम पंडो पिता किशुन दयाल पंडो ,रामजीत उरांव पितभोदो उरांव ,आनन्द मझवार पिता रामडीह मझवार, तेज राम पिता परमडीहा,झिटक्कु पंडो पिता धनसाय पंडो के फसल क्षतिग्रस्त हुए है, और इनके मकानों को भी हाथियों ने नुकसान पहुँचाया है।
गाँव के बंधन राम पिता शेतु राम ,रतन राम पिता तेज राम ,विजय उरांव पिता केश्वर उरांव इन सभी के घरों 6 हाथियों के दल ने उत्पात मचाते हुए घर को तोड़-फोड़ कर, घर में रखे खाद्य सामग्री धान चावल मक्का सहित अन्य खाद्य सामग्री को भी हाथियों ने चट कर दिए है।

ग्रामीणों ने भाग कर बचाई जान
पहाड़ी पंडों के छोटे-छोटे बच्चों सहित वृद्ध महिलाओं को वन विभाग के द्वारा सुरक्षित स्थान में ले जाया गया, तब जाकर उनकी जान बची।
ग्रामीणों के द्वारा पूरी रात रतजगा किया जाता है और उनका जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है,इसके साथ ही साथ ग्रामीणों के छोटे-छोटे बच्चों का भरण पोषण में भी गाँववालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,और अपना जीविका चलाने में भी काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।

बचाव के लिए नहीं किए गए इंतजाम
वहीं वन विभाग के द्वारा पूरे क्षेत्र में सक्रियता से तो काम किया जा रहा है परंतु उनके द्वारा इस उत्पाती हाथियों से बचाव के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं किए जाने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश भी व्याप्त है। जबकि विगत 1 वर्षों से लगातार हाथियों का तांडव पूरे क्षेत्र में दहशत फैला रहा है, और प्रशासन के खिलाफ भी ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं।